30 से भी ज्यादा झांकियां सभी का ध्यान बरबस की खींच रहीं थी। आधा दर्जन से ज्यादा बैंड-बाजों की धुनों, ढोल की थाप और डीजे पर झूम रहे श्रद्धालुओं का उल्लास उनकी श्रद्धा के भावों को बयां कर रहा था। शहर में जगह-जगह पुष्प वर्षा के साथ बालाजी का भव्य अभिनंदन हुआ। शोभायात्र शुरू होने से पूर्व बालाजी को चौला चढ़ाया गया और पूजा-अर्चना की गई।
भव्य सजे हनुमान जी के डोले के आगे महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थीं। डोले में भैरो बाबा, प्रेतराज सरकार के साथ मेहंदीपुर राजस्थान से लाई गई पवित्र जोत भी विराजमान थी।
बुधवार को श्री पृथ्वीनाथ महादेव जी सेवादल की ओर से शोभायात्र शिवाजी धर्मशाला, देहरादून से शुरू हुई। सहारनपुर चौक, झंडा बाजार, रामलीला बाजार, पल्टन बाजार, घंटाघर, चकराता रोड, तिलक रोड, बाबूगंज, आढ़त बाजार, होते हुए शिवाजी धर्मशाला में आकर संपन्न हुई। समाप्ति पर शाम को शानदार आतिशबाजी की गई और फिर आरती हुई।




