उत्तर प्रदेश सरकार का एक नया आदेश इन दिनों चर्चा का विषय है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के अधिकारियों से कहा है कि वे मंत्री और विधायकों का खड़े होकर स्वागत करें। सरकारी आदेश के मुताबिक अधिकारियों को सांसद, विधायकों को चाय नाश्ता कराने को भी कहा गया है। आदेश के मुताबिक विधायक, सांसद जब मीटिंग के बाद निकले तो उन्हें उच्च सुरक्षा मुहैया कराई जाए। राज्य सरकार के इस आदेश के खिलाफ अफसरों ने ही अब आवाज उठानी शुरू कर दी है।आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने सवाल किया है कि क्या अब डीपी सिंह जैसे अपराधी छवी वाले विधायकों के सामने भी अधिकारियों को खड़े होकर सैल्यूट मारना पड़ेगा। पढ़िए आईएएस सूर्य प्रताप सिंह का फेसबुक पोस्ट..
पाँव लगें, VIP ‘श्रीमन’ के ……. ‘कुर्सी’ पर चिपके रहने का आशीर्वाद मिलेगा !
अधिकारी कुर्सी छोकर नमस्ते करें,नहीं तो दंडित होंगे…..क्या डीपी यादव जैसे अपराधी या फिर प्रजापति जैसे भ्रष्ट/बलात्कारी को भी ये सम्मान मिले ? २००७ में यह नियम बना था कि अधिकारीगण विधायकों /जंप्रतिनिधियों को खड़े होकर नमस्ते करेंगे, चाहे वह अपराधी ही क्यों न हो !!