
देहरादून। प्रतिभा कभी भी विवशताओं से प्रभावित नहीं होती। संस्कृत में कहा गया है कि दिव्यांग व्यक्ति भी पर्वत पार कर सकता है। ‘पंगुं लंघयते गिरिम्’ इसी सूत्र वाक्य को सच कर दिखाया आटिजम नामक बीमारी से ग्रस्त वरिष्ठ आईएएस के बेटे ने जो आम बच्चों के बराबर नहीं है लेकिन उनसे कहीं अधिक विशेष है। ऑटिजम नाम की बीमारी से ग्रस्त होते हुए भी द्वैपायन कुमार ने आगे बढ़ने की मिसाल पेश की और गायन विधा में सफलता प्राप्त की। यह बहुत सुखद संयोग है कि द्वैपायन कुमार, वरिष्ठ नौकरशाह डाक्टर राकेश कुमार के बेटे है। जिन्होंने देहरादून के डीएम रहते और शिक्षा सचिव उत्तराखंड रहते हुए नए आयाम स्थापित किए। यहां विशेष बात यह है कि नौकरशाही में अपनी ईमानदाराना तथा कड़क छवि रखने वाले डॉ. राकेश कुमार आईएएस ने अपने बेटे को गायन और तैराकी में आगे बढ़ने के लिए तमाम प्रयास किये हैं जो द्वैपायन के मनोबल बढ़ाने का ही एक तरीका है।
नगर निगम सभागार में आयोजित इंटरनेशनल परफ़ोर्मिंग आर्ट फ़ेस्टिवल में द्वैपायन कुमार ने जब भजन गया तो पूरा सभागार झूम उठा। यह भजन उन्होंने पूर्व मुख्य सचिव स्वर्गीय आरएस टोलिया को समर्पित किया। इसके बाद उन्होंने एक फिल्मी गीत भी प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। इस विशेष बच्चे को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। प्रोत्साहन ही इसका मनोबल और बढ़ाएगा। ऐसे में हम सबके लिए आवश्यक है कि हम इस बच्चे का मनोबल और बढ़ाएं तथा उसकी वीडियो को लाइक व शेयर करें ताकि उसे प्रोत्साहन मिले और वह निरंतर आगे बढ़ता रहे।



