
देहरादून: केदारनाथ में मोदी दौरे से पूर्व कांग्रेस के दिग्गज खिलाड़ी हरीश रावत ने राजनीतिक चक्रव्यूह रच दिया है। पीएम मोदी 20 अक्टूबर को केदारनाथ में कई योजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण करने वाले हैं । लेकिन पीएम के आगमन से पूर्व केदारनाथ दौरा करके लौटे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आज देहरादून स्थित राजीव भवन में प्रेसवार्ता की, पीएम दिल्ली से इंजन चलने वाला तेल लेकर आये धुँआ देना वाला नहीं।
सन् 2013 में केदारपुरी में आई प्राकृतिक आपदा के बाद बाबा केदार का दर राजनीतिक डगर सा बन गया। यू तो बाबा केदारनाथ धाम आस्था का केंद्र है लेकिन राजनीतिक दृष्टिकोण आस्था कम राजनीतिक मैसेज के रूप में पार्टियां इसे ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं। केदारनाथ की यात्रा करके वापस लौटे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सत्तासीन पार्टी के लिए आरोपों का चक्रव्यूह रच दिया है। हरीश रावत ने आरोप लगाते हुए कहा कि हरीश रावत सरकार की विदाई के बाद केदारनाथ में कोई विकास का कार्य नहीं हुआ है। जो थोड़ा बहुत कार्य हो रहा है वह भी जमीनी जरूरत के हिसाब से नहीं हो रहा । मेरे शिलान्यास के कार्यो को यह सरकार पीएम को परोस रही है। केदारपुरी की सुरक्षा को लेकर इस सरकार के एजेंडे में कोई जगह नहीं दिख रही है।





