ख़बरदार हो जाइये, देहरादून कि जिन लैबों में आप भरोसा कर जांच के लिए पहुंच रहे हैं, उनकी वैधता ही अब सवालों के घेरे में है। यह भी संभव है कि इन लैब की रिपोर्ट मरीज को और खतरे में डाल दे। खबर हैरान करने वाली है लेकिन सच है, शहर के विभिन्न इलाकों में खुले हुए तमाम लैब की प्रमाणिकता पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजकर जांच के निर्देश दिए हैं।
पैथोलॉजी एसोसिशन ने की पहल: शहर के भीतर अवैध तौर पर चल रहे ऐसे लैबों के खिलाफ पैथोलॉजी लैब एसोसिएशन स्वयं आगे आई है। उन्होंने ही जिला प्रशासन से शिकायत की कि गलत तरीके से चल रहे पैथोलॉजी लैब पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे मरीजों को खतरे से बचाया जा सके। अवैध ढंग से संचालित 24 लैब की सूची भी जिला प्रशासन को सौंपी है।
पैथोलॉजिस्ट के फर्जी साइन: कभी दून में सीमित संख्या में लैब दिखा करते थे, लेकिन अब इनकी तादाद बढ़ती ही जा रही है। इनमें कई वैध हैं तो कई अवैध। कई लैब बिना पैथोलॉजिस्ट के टैक्नीशियन के भरोसे संचालित हो रहे हैं तो कई लैब पैथोलॉजिस्ट के फर्जी साइन कर मरीज को रिपोर्ट सौंप देते हैं। जबकि कई रिपोर्ट में साइन भी नहीं होते। यही नहीं कई लैब तो प्रतिष्ठित पैथोलॉजिस्ट का नाम इस्तेमाल कर लेते हैं। ऐसे कुछ प्रकरण पिछले दिनों पकड़ में भी आए हैं।




