रियो डि जेनेरियो. रियो ओलंपिक में भारत की जिमनास्ट दीपा कर्माकर वाल्ट इवेंट के फाइनल में पहुंच गई हैं। पहली बार देश की महिला जिमनास्ट इस मुकाम तक पहुंची है। वे 14 अगस्त को भारत के लिए मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बन सकती हैं। दीपा करमाकर ऐसा कर पाने वाली पहली भारतीय महिला हैं। साल 1964 के बाद वो पहली भारतीय हैं, जिन्होंने जिम्नास्टिक्स के फाइनल में जगह बनाई है।दीपा आर्टिस्टिक जिमनास्टिक स्पर्धा में छठवें स्थान पर रहीं। प्रोडुनोवा में दो बार के प्रयास के बाद उन्होंने 14.850 का स्कोर बनाया और फाइनल में जगह बनाई। इस इवेंट के फाइनल में आठ खिलाड़ी होंगे। दीपा दुनिया की उन पांच महिला खिलाड़ियों में से एक हैं जो सफलतापूर्वक प्रोडुनोवा वॉल्ट कर पाती हैं।
ओलंपिक में क्वालीफाई करने वाली भारत की पहली जिम्नास्ट दीपा करमाकर ने क्वालीफिकेशन में छठा स्थान हासिल कर अपनी उम्मीदें कायम रखीं थी। दीपा ने रविवार को ओलंपिक जिम्नास्टिक फ्लोर पर शानदार प्रदर्शन कर भारत की ओर से नई उपलब्धि हासिल कर लीं। 52 साल बाद भारत का कोई जिम्नास्ट ओलंपिक में उतरा। वह वॉल्ट में छठे स्थान पर रहीं हैं। इस स्पर्धा में शीर्ष आठ खिलाड़ी फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करते हैं। ल्ट में भारतीय जिम्नास्ट ने 15.100 का स्कोर किया जोकि अन्य प्रतियोगियों में सबसे बेहतर था। दीपा दुनिया की ऐसी चुनिंदा पांच जिम्नास्ट में शामिल हैं जो प्रतियोगिता के दौरान बेहद मुश्किल प्राडुनोवा वॉल्ट करती हैं। इसके अलावा दीपा ने अनइवन बार्स में11.666 का, बैलेंस बीम में 12.866 और फ्लोर पर 12.033 का स्कोर किया। उनका औसत स्कोर 51.665 का रहा है।
दीपा ने रचा इतिहास, पहली बार जिमनास्ट ओलंपिक के फाइनल में
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