जी हाँ यंहा बात हो रही है उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे की, आए दिन चर्चाओं में रहने वाले शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडे इस बार अपने बेटे की शादी को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। विपक्ष का आरोप है की त्रिवेंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री ने अपने बेटे की शादी में जमकर सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग किया है।मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडे ने अपने बेटे की शादी के लिए सारे कायदे कानून ताक पर रख दिये। अपने बेटे की शादी में मंत्री ने सरकारी अमला के साथ-साथ पूरा शिक्षा महकमा लगा दिया। इस चक्कर में शिक्षा विभाग के दो प्रशासनिक अधिकारी निपट गए, जानकारों के मुताबिक शादी के कार्ड बांटने के बजाय प्रधानाचार्यो को सरकारी चिठ्ठी जारी कर तलब करने पर बागेश्वर के सीईओ दफ्तर के दो मुख्य प्रशासनिक अधिकारियो को सस्पेंड कर दिया गया। शिक्षा निर्देशक आरके कुंवर के इस आदेश की वजह से शिक्षा विभाग की काफी किरकिरी हुई। इस कार्यवाही की असल वजह मुख्यमंत्री कार्यालय की नाराजगी बताई जा रही है।
दरअसल शिक्षा मंत्री ने अपने बेटे की शादी में पुरे शिक्षा विभाग से लेकर तमाम नेता और अधिकारियो के साथ साथ उधोगपतियो को भी आमंत्रित किया था। विपक्ष का आरोप है की शिक्षा मंत्री ने अपने बेटे की आलीशान शादी पर करोडो रूपए खर्च किए, इतना पैसा मंत्री के पास कहा से आया, विपक्ष का यह भी आरोप है कि मंत्री ने सत्ता की हनक दिखाकर बेटे की शादी में जमकर सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग भी किया।
हमेशा किसी न किसी विवादों को लेकर चर्चा में रहने वाले शिक्षा मंत्री के बहाने विपक्ष अब त्रिवेंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। वंही मंत्री के नए-नए फरमानो से प्रदेश में शिक्षकों की नाराजगी किसी से छुपी नहीं रही है। जानकारों की माने इस प्रकरण से त्रिवेन्द्र सरकार की छवि ख़राब हुई है…..


