
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के मन की बात का जवाबी काउंटर विपक्ष ने नहीं बल्कि खुद कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और यूपी के पीआरओ किशोर उपाध्याय ने Facebook अकाउंट के माध्यम से दिया है किशोर ने Facebook पर किए पोस्ट में हरीश रावत को धृतराष्ट्र की संज्ञा दी है.
कांग्रेस में गुटबाजी की बात कोई नई नहीं है. गुटबाजी का खेल 18 मार्च 2016 को उत्तराखंड ही नहीं पूरा देश जान चुका है और एक साथ 9 विधायकों का बगावत उत्तराखंड कांग्रेस के गुटबाजी के चेहरे को बयां कर चुका है. 2017 में करारी हार के बाद भी कांग्रेस की अंदरुनी रार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है .गाहे-बगाहे कांग्रेस में गुटबाजी के चेहरे कई दिखाई दिया करते थे लेकिन इन दिनों कांग्रेस में हरीश और किशोर नाम के दो चेहरे ऐसे हैं जो एक दूसरे की टांग खींचते हुए दिखाई देते हैं. जब सरकार थी तब भी और अब जब विपक्ष में है तब भी. किशोर की तल्खियां हरीश रावत के लिए पूर्व की तरह ही बरकरार दिखाई दे रही है. हरीश रावत के मन की बात के पोस्ट पर किशोर उपाध्याय का करारा काउंटर उनके Facebook के माध्यम से दिखाई दे रहा है.

किशोर उपाध्याय ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को कटघरे में खड़ा करते हुए उनसे सवाल पूछ डाले हैं. उन्होंने अपने पोस्ट की शुरुआत हरदा आप को पथभ्रष्ट बनाए रखा इन के कारण बने धृतराष्ट्र. जाहिर सी बात है किशोर उपाध्याय ने हरीश रावत के मन की बात का काउंटर करते हुए पलटवार किया है और कहा है की गांव में बैठकर गांव की चिंता करना तो आसान है लेकिन यह चिंता अगर राजमहलों में बैठ कर भी की गई होती तो आज उत्तराखंड यू बदहाली का रोना ना रो रहा होता. जनता के हाथों सियासी सजा भोग रहे पूर्व मुख्यमंत्री आज अपने गांव में मकान की छत पर बैठकर गांव में पसरा सन्नाटा को लेकर चिंतित हैं. हाल ही में उन्होंने अपनी यह चिंता शब्दों में डालकर साझा की है जिसे उनके समर्थक इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर प्रचारित कर रहे हैं. बकौल हरदा उन्हें गांव का सन्नाटा चल रहा है वह अब सोच रहे हैं कि कैसे वह अपने परिवार व गांव के भाई बंधुओं को गांव से जुड़े आज उन्हें अपने गांव के लाल दर्जी की याद आ रही है.

किशोर उपाध्याय के पोस्ट में हालांकि योगेश नाम दिया गया है और फोटो हरीश रावत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ की लगाई गई है. खास बात यह है कि किशोर उपाध्याय के नाम से 5 Facebook अकाउंट है किशोर उपाध्याय के Facebook काउंटर के बाद कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ले अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग हरीश रावत के चाटुकार थे, आज वह उनके आलोचक हो गए हैं. प्रदेश की जनता ने हरीश रावत को आईना दिखाने का काम किया हरीश रावत उस डूबते हुए जहाज की तरह है जो हाथ पैर मारता है और सोचता है कि किसी तरह बच जाऊं.
किशोर उपाध्याय और हरीश रावत की लड़ाई इस बात के संकेत दे रही है कि कांग्रेस के अंदर आज भी गुटबाजी का ज्वालामुखी कभी भी फूट सकता है. यही कारण है कि किशोर और हरीश की लड़ाई को लेकर प्रदेश का कोई भी कांग्रेसी नेता कुछ भी कहने से बच रहा है कांग्रेस के ही पुराने साथी कृषि मंत्री सुबोध उनियाल के शब्द भी इस ओर इशारा कर रहे हैं की कांग्रेस पार्टी कुछ नेताओं के चाटुकारों की पार्टी बनकर रह गई है.



