करवा–चौथ वह पर्व है जिसकों शायद प्रत्येक नारी रखती है चाहें कितनी भी विपरित परिस्तिथियां क्यों ना हो महिलायें चांद को देखकर ही अपना व्रत खोलती हैं। यही कारण है कि दिनभर के व्रत के बाद जैसे-जैसे पूजन का समय नजदीक आता है, वैसे-वैसे चांद निकलने का इंतजार बड़ी बेसब्री से किया जाता है। चांद रोज भले ही जल्दी निकल आता हो, लेकिन इस दिन बादलों में छिपकर, निकलने में हमेशा देरी करता है। यही तो सबसे अहम परीक्षा भी होती है।




