देहरादून; फाइनेंशियल के मामले छोटी सी गलती भी बहुत महंगी पड़ जाती है और सिवाय खुद को कोसने के हम कुछ नही कर पाते लेकिन उन्हीं गलतियों से सर्तक हो जायें तो अपनी पूंजी को बचाया जा सकता है। आइए देखते हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं –
एक एसेट के भरोसे ना रहें
आज भी लोग बच्चों की पढ़ाई, शादी के लिए पैसे जमा करने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) जैसे साधनों को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे साधनों से मिलने वाले ब्याज अक्सर कम होते हैं। इसलिए, आपको अलग-अलग रिटर्न की संभावना और अलग-अलग जोखिम वाले एसेट्स में निवेश करना चाहिए। इससे आपको तरह-तरह के जोखिम से अपने पैसे को बचाने के साथ-साथ एक अच्छी-खासी रकम जमा करने में भी मदद मिलेगी।
निवेश करने में देरी ना करें
क्या आप जानते हैं निवेश करने में देर करने पर अंत में कम ब्याज मिलता है और कम समय में ज्यादा जोखिम भी उठाना पड़ता है। स्थिर तरीके से एक अच्छा-खासा फंड तैयार करने के लिए समय से पहले निवेश करना शुरू कर देना चाहिए। रकम भले ही छोटी हो, लंबे समय तक इनवेस्ट करते रहने से आपको अपने रिटायरमेंट तक एक बहुत बड़ी धनराशि जमा करने में मदद मिल सकती है।
बैंक अकाउंट में बेकार पड़ा है पैसा
पहले लोग घर पर ही पैसे जमा करके रखते थे, या फिर उन्हें बैंक अकाउंट में डाल देते थे। जिन पर उन्हें बहुत कम ब्याज मिलता था। इस तरीके से पैसों का इस्तेमाल करने की आदत से बचना चाहिए। पैसों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए आप लिक्विड फंड्स और शॉर्ट टर्म बॉन्ड फंड्स में पैसे निवेश कर सकते हैं जहां से आपको बैंक से ज्यादा ब्याज मिल सकता है।
इंश्योरेंस के मामले में ध्यान दें
बढ़ती महंगाई और इलाज के बढ़ते खर्च को देखते हुए, आपको अपने फाइनेंशियल पोर्टफोलियो में एक पर्याप्त कवरेज देने वाला लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के महत्व को समझने की कोशिश करनी चाहिए। इन्हें खरीदने से पहले आपको यह जरूर देख लेना चाहिए कि ये आपकी जरूरतों को पूरा करते हैं या नहीं।
हालांकि टैक्स बचाने के तरीकों पर आपको जरूर ध्यान देना चाहिए, लेकिन फिर भी आपका इन्वेस्टमेंट प्लान पूरी तरह से इसी पर आधारित नहीं होना चाहिए। यही हमारी पिछली पीढ़ी की सबसे बड़ी समस्या रही है, क्योंकि वे अक्सर सिर्फ ऐसे ही एसेट्स में निवेश करते थे जिसमें टैक्स बचाने की संभावना हो। वे रिटर्न पर उतना ध्यान नहीं देते थे जितना टैक्स बचाने पर देते थे। आपको टैक्स बचाने के साथ-साथ रिटर्न पर भी ध्यान देना चाहिए। ऐसे एसेट्स में निवेश करना चाहिए जहां आपको ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना हो ताकि आप एक बहुत बड़ी धनराशि जमा कर सकें।