सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को बड़ा झटका देते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि यदि कोई जांच एजेंसी किसी आरोपी के खिलाफ जांच करते हैं और उसे गिरफ्तार कर लेती है तो उसकी अग्रिम जमानत याचिका अपने आप निष्प्रभावी हो जाती है। यदि आप जमानत चाहते हैं तो उसके लिए उचित अदालत में जाएं। आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम को सीबीआई ने 21 अगस्त को उनके आवास से गिरफ्तार किया था। सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी इस मामले की जांच कर रहे हैं। इससे पहले उच्चतम न्यायालय में चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत में जिरह करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि मुझे मौका नही मिला। यदि प्रक्रिया ऐसी चलेगी तो कैसे चलेगा। जिसपर अदालत ने उनसे कहा कि प्रक्रिया को लेकर वह अलग से अर्जी दाखिल कर सकते हैं।
सिब्बल ने कहा कि यह मौलिक अधिकार का मामला है। मेरे पास कानून के तहत सुनवाई का अधिकार है। इससे पहले याचिका लिस्टिंग नहीं होने के कारण सुनवाई शुरू नहीं हो पाई थी। चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट के सामने कहा कि अदालत के आदेश के बावजूद पी. चिदंबरम की सीबीआई के रिमांड आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया। जिसपर अदालत ने कहा कि रजिस्ट्री को इस संबंध में मामले को सूचीबद्ध करने के लिए आवश्यक कार्य करना होगा। पीठ ने सिब्बल से कहा कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई से रजिस्ट्री को आवश्यक आदेश मिलने के बाद उनकी याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की जाएगी। सिब्बल से पीठ ने कहा, ‘रजिस्ट्री को कुछ दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है और हमें प्रधान न्यायाधीश से आदेश लेना होगा।’