पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने चमोली जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्र रैणी व तपोवन का दौरा किया। आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करते हुए हरीश रावत एवं प्रीतम सिंह ने आपदा पीड़ितों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। साथ ही आपदा राहत कार्य में लगे सेना, ITBP, SDRF, NDRF, ज़िला एवं पुलिस प्रशासन से बातचीत कर राहत कार्यों की जानकारी ली।
हरीश रावत ने मुख्य सचिव को फोन पर सुझाव दिया कि टनल से मलवा निकालने के लिए जल्दी से जल्दी आधुनिक तकनीक की मशीन भेजी जाय, ताकि अंदर फंसे लोगों की जान बचाई जा सके। सड़क संपर्क खत्म होने से कटऑफ एरिया के सभी गांव के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था करवाई जाए। रैणी गांव के ऊपर की झील को दिखवाया जाय और उसके बनने से संभावित खतरे से बचाव के उपाय किये जायें। खतरे की जद वाले गांव के लोगों को जोशीमठ या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाय। पीड़ित परिवार के लोगों को समुचित सुविधा उपलब्ध कराने के साथ बाहर से आनेवाले लोगों के रहने खाने की व्यवस्था की जाय। हरीश रावत ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि अपनी मद से मृतकों के आश्रितों को राहत राशि 2 लाख से अधिक बढ़ाया जाए। शीतकाल में ग्लेशियर टूटने की घटना अचंभित करने वाली है, उत्तराखंड में मौसम के चक्र में बदलाव के भयावहता को देखते हुए उन्होंने ने यह भी आग्रह किया कि मौसम के चक्र के बदलाव को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा हिमालयी क्षेत्र में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के द्वारा एक मिशन लांच किया था, जिसको सभी हिमालयी राज्यों में शीघ्र लागू किया जाना चाहिए ताकि ऐसी घटना घटित होने से पहले राहत व बचाव की तैयारियों को करके नुकसान को कमतर किया जा सके।
हरीश रावत ने स्थानीय लोगों को ढाढस बंधाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का हर साथी पूरी क्षमता से आपके साथ है, तथा हम प्रयास कर रहे हैं कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी का एक शिष्टमंडल मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुलाकात कर आपदा राहत में अपने अनुभव व सुझावों को उनतक पहुंचाया जाय।