
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोण्डा का भ्रमण कर देवीपाटन मण्डल के कोविड प्रबन्धन कार्यांे की समीक्षा की। उन्होंने इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर, डेडिकेटेड कोविड चिकित्सालय के पोस्ट कोविड वाॅर्ड, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पन्त नगर तथा गेहूं क्रय केन्द्र पन्त नगर का निरीक्षण किया। उन्होंने विकास खण्ड झंझरी के ग्राम परेड सरकार पहुंचकर वहां निगरानी समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्हांेने डेडिकेटेड कोविड चिकित्सालय में संचालित वैक्सीनेशन सेन्टर का निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री ने जनपद गोण्डा के इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर (आई0सी0सी0सी0) का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां तैनात स्टाफ से संवाद स्थापित करते हुए आई0सी0सी0सी0 की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सेण्टर के सुचारु और प्रभावी संचालन के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत सभागार में जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ मण्डल में कोविड नियंत्रण की स्थिति की गहन समीक्षा की। इस समीक्षा में मण्डल के जनपद बहराइच, बलरामपुर तथा श्रावस्ती के अधिकारीगण वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोरोना टेस्टिंग की क्षमता में वृद्धि की जाए। अधिक से अधिक टेस्ट किये जाएं। प्रत्येक जनपद में प्रतिदिन कम से पांच हजार कोविड टेस्ट किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि विशेष जांच अभियान के तहत ग्राम निगरानी समितियां डोर-टू-डोर सर्वे कर लक्षणयुक्त की संक्रमण की दृष्टि से संदिग्ध लोगों को चिन्हित करते हुए इन्हें तत्काल मेडिकल किट उपलब्ध कराएं। ऐसे व्यक्तियां का आर0आर0टी0 द्वारा एण्टीजन टेस्ट भी किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से बचाव के सम्बन्ध में की जा रही तैयारियों के बारे में विस्तार से पूछा। बैठक में जिलाधिकारी गोण्डा द्वारा उन्हें अवगत कराया गया कि जिला महिला चिकित्सालय में 50 बेड का पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) वाॅर्ड तथा 10 बेड का निओनेटल आई0सी0यू0 (नीकू) वाॅर्ड स्थापित किये जा रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मनकापुर तथा करनैलगंज में 10-10 बेड के पीकू वाॅर्ड बनाये जा रहे हैं। उन्होंने सभी जनपदों में पीकू एवं नीकू वाॅर्ड की स्थापना कार्य को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि पीडियाट्रिशियन, एनेस्थेटिक, टेक्नीशियन तथा पैरामेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग का कार्यक्रम भी संचालित किया जाए। मण्डल के सभी जनपदों में पोस्ट कोविड वाॅर्ड संचालित किये जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था तथा रखरखाव को बेहतर किया जाए। सभी सी0एच0सी0, पी0एस0सी0 तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर पर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को स्वच्छ व क्रियाशील रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि सभी जनपदों में उपलब्ध सभी वेंटीलेटर कार्यशील अवस्था में रहे। खराब वेंटिलेटर की तुरंत मरम्मत कराकर कार्यशील किया जाए। सभी जनपदों में ‘108’ सेवा की 75 प्रतिशत एम्बुलेंस का उपयोग कोविड कार्यों में किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी निजी अस्पताल मरीजों से शासन द्वारा निर्धारित दरों से अधिक धनराशि न ले। उन्होंने अस्पतालों की फायर सेफ्टी जांच अभियान चलाकर किये जाने के निर्देश भी दिए।


