खाद्य पदार्थों में मिलावट खोरी रोकने के लिए जन जागरूकता के साथ कार्यशालाएं आयोजित की जानी जरूरी : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत

देहरादून- मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से आज भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की चेयरमेन रीता तेवतिया से मुलाकात की। इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा एवं इसके लिए उपभोक्ताओं में कैसे जागरूकता लाई जा सकती है इस पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट खोरी को रोकने के लिए प्रभावी प्रयासों की जरूरत है। इसके लिए जन जागरूकता के साथ ही कार्यशालाएं आयोजित की जानी जरूरी है। इस सबंध में फूड सेफ्टि मैजिक बॉक्स काफी कारगर साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग ऊर्जा योजना के तहत पौष्टाहार वितरित किया जा रहा है। इसमें अनेक पौष्टिक तत्व उपलब्ध हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को दूध भी उपलब्ध कराया जा रहा है। ऊर्जा पौष्टिक आहार योजना राज्य में व्यापक स्तर पर चलाई जा रही है। केन्द्र से भी ऊर्जा पौष्टिक आहार योजना की सराहना की गई। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की चेयरमेन रीता तेवतिया ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। प्रदेश के विभिन्न मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर जो प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरण के लिए तैयार किया जाता है। उसमें खाद्य पदार्थों का सही इस्तेमाल हो इसके लिए भी जागरूकता जरूरी है। फूड सेफ्टि मैजिक बॉक्स से विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच की जा सकती है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा आम आदमी के स्वस्थ जीवन से जुड़ा विषय है। इस दिशा में एहतियात बरतना जरूरी है। उन्होंने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के हित में पौष्टिक आहार को जरूरी बताया। इस अवसर पर सचिव स्वास्थ्य नितेश झा भी मौजूद रहे।

 

 

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