
उत्तरप्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मियों को भी अब तीन शिफ्टों में बुलाने का फैसला किया है। हर शिफ्ट के बीच आधे घंटे का फर्क रखा गया है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने इस इस बाबत शासनादेश जारी किया है।
तीन पालियों में होगा काम
राज्य सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए नौ अप्रैल से 50 फीसदी कर्मियों को रोस्टर के हिसाब से दफ्तर बुलाने के आदेश दिए थे। इसमें संशोधन करते हुए इसे तीन शिफ्टों में कर दिया गया है। पहला शिफ्ट नौ से 5.30 बजे, दूसरा 9.30 से छह बजे और तीसरी शिफ्ट 10 से शाम 6.30 बजे तक होगी । सचिवालय, विधान परिषद, विधानसभा और निदेशालयों में इसके आधार इसी पॉलिसी पर काम होगा।
रोस्टर पॉलिसी के आधार पर काम करेंगे कर्मचारी
सभी विभागों के एचओडी और नियंत्रक प्राधिकारी इस योजना को अमली जामा पहनाने के इंतजाम करगें रोजाना कार्यालयों में अनुसचिव स्तर के अधिकार व अन्य तैनात 50 फीसदी कार्मिकों की उपस्थिति सुनिश्चित हो। बाकी 50 फीसदी घर से ही काम करेंगे। इसके लिए कार्मिकों का साप्ताहिक रोस्टर तय किया जाएगा।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए होगी मीटिंग
रोस्टर के मुताबिक घर से काम करने वाले कर्मचारी अपने मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक साधनों के ज़रिए कार्यालय के संपर्क में रहेंगे। ये दिशा-निर्देश उन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जो आकस्मिक व आवश्यक सेवाओं से जुड़े हैं या कोविड-19 के रोकथाम में प्रत्यक्ष भूमिका निभा रहे हैं। सरकार ने सभी दफ्तरों में सैनिटाइजेशन, मास्क, दो गज की दूरी व अन्य उपाय अपनाए जाने के भी निर्देश जारी किए।



