
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोरखपुर में टोक्यो ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाले उत्तर प्रदेश के 10 खिलाड़ियों से वर्चुअल वार्ता कर उनका मनोबल बढ़़ाया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के इस कालखण्ड में ओलम्पिक खिलाड़ियों के प्रयासों से नई पीढ़ी को स्फूर्ति एवं प्रेरणा मिलेगी। इनके द्वारा देश एवं प्रदेश का मान बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयास नई पीढ़ी के लिए अनुकरणीय होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ओलम्पिक में एकल खेल में स्वर्ण पदक लाने वाले खिलाड़ियों को 06 करोड़ रुपए, रजत पदक लाने वालों को 04 करोड़ तथा कांस्य पदक लाने वाले खिलाड़ियों को 02 करोड़ रुपए, प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को 10 लाख रुपए तथा टीम खेल में स्वर्ण पदक लाने पर 03 करोड़ रुपए, रजत पदक लाने पर 02 करोड़ रुपए, कांस्य पदक लाने पर 01 करोड़ रुपए एवं प्रतिभाग करने पर 10 लाख रुपए का सहयोग करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा है कि अपने खिलाड़ियों को आगे बढ़ना चाहिए और अलग-अलग फील्ड के प्रतिभाशाली लोगों को सरकार की ओर से एक मंच मिलना चाहिए। केन्द्र एवं राज्य सरकार इसी दिशा मंे प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने ‘खेलो इंडिया’ के माध्यम से देश एवं प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है, जो अभिनंदनीय है। इसी कड़ी को प्रदेश सरकार ने आगे बढ़ाया है। इसके अन्तर्गत राजस्व विभाग, पंचायती राज, खेल विभाग, ग्राम विकास विभाग मिलकर हर गांव मे खेल का मैदान तैयार कर रहे हैं। साथ ही, यह भी निर्देश दिये गये हैं कि खेल के मैदान के साथ-साथ ओपन जिम का भी निर्माण हो, जिससे युवा पीढ़ी की खेल के प्रति रुचि बढ़े।


