देहरादून। कवि अटल बिहारी वाजपेयी भले ही राजनेता के रूप में अधिक चर्चित रहे लेकिन उनका कवि रूप कितना विलक्षण था इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें कानपुर में एक कविता के लिए 10 रुपये का सम्मान मिला था। जानकारी देते हुए कानपुर के एक परिचित ने बताया कि अटल जी ने एक कविता लिखी थी जिस पर प्रथम स्वाधीनता दिवस पर कालिका प्रसाद भटनागर ने अटल जी को दस रुपये का पुरूस्कार दिया था। अटल जी द्धारा लिखी गयी रचना नानाराव पार्क में लगी है जिसको बद्री नारायण तिवारी ने अटल जो को दिखाई थी और उनको बताया था की इसी कविता पर आपकों दस रुपए मिले थे तो वह मुस्करा कर चल दिए थे।
कविता के लिए मिला था 10 रुपये का सम्मान
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