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कर्ज से तुरंत मुक्ति दिलाते हैं ये नरसम्हिा मंत्र, अच्छा स्वास्थ्य, सफल जीवन चाहिए तो भगवान नरसिंह के इन मंत्रों जाप…!

जब-जब पाप का पलड़ा बढ़ा है तब-तब इस दुनिया में बुराई का नाश करने के लिए भगवान स्वयं अवतार लेते हैं। जैसे सतयुग में विष्णु, त्रेतायुग में राम और द्वापर युग में कृष्ण जन्में। वह सतयुग ही था जब भगवान विष्णु ने भगवान नरसिंह अवतार लिया और अपने भक्त प्रहलाद को बचाया।

नरसिंह का अवतार

नरसिंह (“मानव-सिंह”) को भगवान विष्णु का अवतार माना गया है जो आधे मानव एवं आधे सिंह के रूप में प्रकट होते हैं, जिनका सिर एवं धड तो मानव का था लेकिन चेहरा एवं पंजे सिंह की तरह थे। वे भारत में, खासकर दक्षिण भारत में वैष्णव संप्रदाय के लोगों द्वारा एक देवता के रूप में पूजे जाते हैं जो विपत्ति के समय अपने भक्तों की रक्षा के लिए प्रकट होते हैं।
क्यों करें नरसिंह मंत्र जाप
अगर आप को क्रोध से मुक्ति, अच्छा स्वास्थ्य, सफल जीवन चाहिए तो आपको भगवान नरसिंह के मंत्रों को जपना चाहिए।

नरसिंह अवतार कैसे हुआ

नरसिंह अवतार के पीछे एक पूरी कथा है। कथानुसार अपने भाई की मृत्यु का बदला लेने के लिए राक्षसराज हिरण्यकशिपु ने कठिन तपस्या करके ब्रह्माजी व शिवजी को प्रसन्न कर उनसे अजेय होने का वरदान प्राप्त कर लिया। वरदान प्राप्त करते ही वह प्रजा पर अत्याचार करने लगा और उन्हें यातनाएं और कष्ट देने लगा। जिससे प्रजा अत्यंत दुखी रहती थी।

इन्हीं दिनों हिरण्यकशिपु की पत्नी कयाधु ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम प्रहलाद रखा गया। राक्षस कुल में जन्म लेने के बाद भी बचपन से ही श्री हरि भक्ति से प्रहलाद को गहरा लगाव था। हिरण्यकशिपु ने प्रहलाद का मन भगवद भक्ति से हटाने के लिए कई प्रयास किए, परन्तु वह सफल नहीं हो सका।

एक बार उसने अपनी बहन होलिका की सहायता से उसे अग्नि में जलाने के प्रयास किया, परन्तु प्रहलाद पर उसे मायूसी ही हाथ लगी। अंतत: एक दिन उसने प्रहलाद को तलवार से मारने का प्रयास किया, तब भगवान नरसिंह खम्भे से प्रकट हुए और हिरण्यकशिपु को अपने जांघों पर लेते हुए उसके सीने को अपने नाखूनों से फाड़ दिया और अपने भक्त की रक्षा की।

नरसिंह मंत्र का जाप
जिस तरह नरसिंह ने भक्त प्रहलाद की रक्षा की वैसे हम भी उनके मंत्रों का जप कर सुरक्षा पा सकते हैं। हम आपको आज नरसिंह मंत्र बता रहें हैं। इन मंत्रों से आपका जीवन सुखमयी हो जाएगा।

भगवान नरसिंह गायत्री मंत्र
भगवान नरसिंह को प्रसन्न करने के लिए उनके नरसिंह गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्ण दंष्ट्राय धीमहि | तन्नो नरसिंह प्रचोदयात ||

संपत्ति बाधा नाशक मंत्र
यदि आपने किसी भी तरह की संपत्ति खरीदी है गाड़ी, फ्लेट, जमीन या कुछ और उसके कारण आया संकट या बाधा परेशान कर रही है तो संपत्ति का नरसिंह मंत्र जपें।

संपत्ति बाधा नाशक मंत्र की पूजा विधि
भगवान नरसिंह या विष्णु जी की प्रतिमा का पूजन करें। धूप दीप पुष्प अर्पित कर प्रार्थना करें। सात दिये जलाएं। हकीक की माला से पांच माला मंत्र का जाप करें। काले रंग के आसन पर बैठ कर ही मंत्र जपें। नीचे दिया गया मंत्र संध्या समय में जपें इससे शीघ्र फल मिलता है। “ॐ नृम मलोल नरसिंहाय पूरय-पूरय”

ऋण मोचक नरसिंह मंत्र
यदि आप ऋणों में उलझे हैं और आपका जीवन नरक हो गया है, आप तुरंत इस संकट से मुक्ति चाहते हैं तो ऋणमोचक नरसिंह मंत्र का जाप करें।

ऋण मोचक नरसिंह मंत्र की पूजा विधि
भगवान नरसिंह की प्रतिमा का पूजन करें। पंचोपचार पूजन कर फल अर्पित करते हुये प्रार्थना करें। मिटटी के पात्र में गंगाजल अर्पित करें। हकीक की माला से छ: माला मंत्र का जाप करें। काले रंग के आसन पर बैठ कर ही मंत्र जपें। रात्रि के समय नीचे दिए गए मंत्र का जाप करने से जल्दी ही फल मिल जाता है। “ॐ क्रोध नरसिंहाय नृम नम:”

शत्रु नाशक नरसिंह मंत्र
यदि आपको कोई ज्ञात या अज्ञात शत्रु परेशान कर रहा हो तो आप शत्रु नाश का नरसिंह मंत्र जप सकतें हैं। पूजा विधि:- अपने शत्रु का खात्मा करने के लिए भगवान नरसिंह के शत्रुनाशक मंत्रों का जप करने के लिए एक पूरी प्रक्रिया है। इसके लिए भगवान विष्णु जी की प्रतिमा का पूजा करनी होती है।

शत्रु नाशक नरसिंह मंत्र
धूप दीप पुष्प सहित जटामांसी अर्पित कर प्रार्थना करनी चाहिए। इस पूजा विधि में चौमुखे तीन दिये जलाएं। हकीक की माला से पांच माला मंत्र का जाप करें। और काले रंग के आसन पर बैठ कर ही मंत्र जपें ।नीचे दिया मंत्र रात में जपना चाहिए। ऐसा करने से जल्दी फल मिलता है। “ॐ नृम नरसिंहाय शत्रुबल विदीर्नाय नम:”

यश रक्षक मंत्र
यदि कोई आपका अपमान कर रहा है या किसी माध्यम से आपको बदनाम करने की कोशिश कर रहा है तो यश रक्षा का नरसिंह मंत्र जाप करना चाहिए।
पूजा विधि:- यक्ष रक्षा के लिए भगवान नरसिंह की पूजा करने की विधि है। जिसमें भगवान नरसिंह जी की प्रतिमा का पूजन करना चाहिए।

यश रक्षक मंत्र

कुमकुम केसर गुलाबजल और धूप दीप पुष्प अर्पित कर प्रार्थना करनी चाहिए। सात तरह के अनाज दान में देने चाहिए। हकीक की माला से सात माला मंत्र का जाप करें और काले रंग के आसन पर बैठ कर ही मंत्र का जाप करें। “ॐ करन्ज नरसिंहाय यशो रक्ष”

नरसिंह बीज मंत्र
यदि आप पूरे विधि विधान से भगवान नरसिंह जी का पूजन नहीं कर सकते हैं तो आपको चलते फिरते मानसिक रूप से लघु मंत्र का जाप करना चाहिए । लघु मंत्र के जाप से भी मनोरथ पूरण होते हैं । “ॐ नृम नृम नृम नरसिंहाय नम: “

नरसिंह मंत्र के अन्य फायदे
? भगवान नरसिंह को मोर पंख चढाने से कालसर्प दोष दूर होता है । ? भगवान नरसिंह को दही अर्पित करने से मुकद्दमों में विजय मिलती है । ? भगवान नरसिंह को नाग केसर अर्पित करने से धन लाभ मिलता है । ? भगवान नरसिंह को बर्फीला पानी अर्पित करने से शत्रु पस्त होते हैं। ? भगवान नरसिंह को मक्की का आटा चढाने से रूठा व्यक्ति मान जाता है ।

नरसिंह मंत्र के अन्य फायदे
? भगवान नरसिंह को लोहे की कील चढाने से बुरे ग्रह टलते हैं। ? भगवान नरसिंह को चाँदी और मोती चढाने से रुका धन मिलता है। ? भगवान नरसिंह को भगवा ध्वज चढाने से रुके कार्य में प्रगति होती है । ? भगवान नरसिंह को चन्दन का लेप देने से रोगमुक्ति होती है।

 

 

Vision Desk 3
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