प्रदेश में कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थम नहीं पा रहा है, कुमाऊं के बाद गढ़वाल में भी एक किसान ने जहर खाकर जान दे दी, गढ़वाल में किसान की आत्महत्या का यह पहला मामला है, वहीं प्रदेश में किसानों आत्महत्या के मामले सामने आने के बाद कांग्रेस ने भी सरकार को धेरना शुरू कर दिया है, किसानों के मुद्दों के लेकर सरकार पर मुखर दिख रही है कांग्रेस ने प्रतिनिधी मंडल ने आज सीएम त्रिवेंद सिह रावत से मुलाकत की,प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हरदेश के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों के प्रतिनिध मंडल सुबह 9.30 बजे सीएम से मिलने उनके आवास पहुंचा , जहां उन्होंने सीएम को किसानों और प्रदेश की जनसमस्याओं के जुड़े हुए मामले को सीएम को ज्ञापन सौपा, इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनावों पीएम ने किसानों के कर्ज माफी की बात कही थी , लेकिन आज सरकार इस और ध्यान नहीं देर रही है, प्रदेश के किसान के हालात बद से बदतर हो गए है,किसान मजबूरी में आत्महत्या कर रहा है
श्री प्रीतम सिंह ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण यहां के किसानों की खेती वर्षा जल पर ही निर्भर करती है तथा अधिक वर्षा व ओला वृष्टि होने के कारण यहां के किसानों की सब्जी एवं फल सहित सभी फसलें पूर्णरूप से बरवाद हो जाती है। ऐसी परिस्थितियों में बैंकों तथा साहुकारों से लिया गया कर्ज लौटाने में किसानों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बैेकों द्वारा कर्ज वसूली के लिए लगातार बनाये जा रहे दबाव के कारण किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मुलाकात के दौरान विधायक मण्डलदल के सदस्यों ने निम्न समस्याओं के अतिरिक्त संलग्न ज्ञापन भी मा0 मुख्यमंत्री जी को सौंपा।



