शैली श्रीवास्तव– उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में बारिश ने तांडव मचा रखा है भारी बारिश के चलते चारों तरफ हाहाकर मचा हुआ है। जहां एक तरफ भारी बारिश के चलते चमोली थराली में 10 दुकानें, 5 मकान, 4 वाहन बहने से लोगों का लाखों का नुकसान हो गया, तो वहीं यमुनोत्री धाम में बादल फटने से यमुना नदी उफान पर आ गई। इस दौरान पांच दुकानें, एक धर्मशाला के साथ-साथ यमुनोत्री मंदिर को जोड़ने वाला पुल भी बह गया। वहीं, भूस्खलन से चलते चारधाम यात्रा मार्ग विभिन्न स्थानों पर बंद हैं। घटना आधी रात के बाद करीब ढाई बजे की है। तेज बारिश के साथ ही बादल फटने से यमुनोत्री धाम के निकट पांच दुकानें यमुना के उफान में बह गईं। वहीं, काली कमली धर्मशाला का एक हिस्सा भी बह गया। हालांकि मंदिर परिसर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश के कारण आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही भारी बारिश से लोगों में दहशत का माहौल है।
भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे डाबरकोट के पास बंद हो गया। वहीं थिरंगा के पास गंगोत्री हाईवे भी भूस्खलन से बंद हो गया। यमुनोत्री धाम में सोमवार की रात को 11 यात्री सहित 40 तीर्थ पुरोहित, दुकानदार, साधु संत व कर्मचारी थे। जिनमे से 11 यात्रियों को एसडीआरएफ की टीम जानकी चट्टी पहुंचा। वहीं, मनेरी के सिलकुरा में भूस्खलन का मलबा आने से नारायण होटल की कैंटीन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। पर्वतीय क्षेत्र में केदारघाटी में भी रात करीब ढाई बजे से मूसलाधार बारिश हो रही है। रुद्रप्रयाग गौरीकुंड मार्ग फाटा, बांसवाड़ा व डोलिया देवी मंदिर के पास भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया। कई स्थानों में सड़क पर पत्थर गिर रहे हैं। पौड़ी जिले में 11 ग्रामीण संपर्क मार्ग बंद हैं। बदरीनाथ हाइवे लामबगड़, रडांग बैंड, हनुमानचट्टी में भूस्खलन से बंद है। वहीं मौसम विभाग की तरफ से कई जिलों में भारी बारिश कों लेकर अर्लट जारी है। मौसम निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि आगामी 24 घंटे में पौड़ी, देहरादून, हरिद्वारए नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में बहुत भारी बारिश हो सकती है।