
यूं तो दुनिया में ऐसी कई जगह हैं जहां पर्यटक सालभर मौज-मस्ती करते हैं, पर आपको दुनिया में ज्यादा खोजबीन की जरूर ही नहीं पड़ेगी. अगर आपको आपकी पसंद की जगह कही आसपास ही मिल जाये तो..?? वैसे तो हम आपको कुछ अलग अपडेट करते रहते हैं पर हमारी खासियत होती है उत्तराखंड की खूबसूरती और अजूबों के बारे में आपको बताना !!
अगर सुबह आंख खुलते ही बर्फ से पटी पर्वत श्रंखलाएं दिखाई दें तो दिन कितना हसीन होगा, इसकी कल्पना ही की जा सकती है.

तो आज बात करते है उत्तराखंड की एक ऐसी खूबसूरत जगह जो अपनी शांति और अपनी सुंदरता के लिए विश्व प्रसिद्द है.. मुनस्यारी ! एक ऐसी जगह जो सौंदर्य और शांति की चाह रखने वाले लोगो को यहां खिंच लाती हैं. बारह महीने बर्फ से पटी पंचाचूली की चोटियां और खुशनुमा मौसम, भला किसे आकर्षित नहीं करेगा. समुद्र तल से ढाई हजार मीटर की ऊंचाई पर बसे मुनस्यारी में मौसम बारह महीने खुशनुमा रहता है.

सीजन गर्मी का हो या फिर सर्दियों का, सैलानी यहां हमेशा ही आना पसंद करते हैं. आलम ये है कि हिमालय की गोद में बसे इस छोटे से इलाके में सर्दियों में भी जमकर पर्यटकों का ताता लगा रहता है. बंगाली पर्यटक सुब्रत रॉय कहते हैं कि वो दुनिया के कई इलाकों में घूम चुके हैं, लेकिन मुनस्यारी जैसी शांति और प्राकृतिक सौंदर्य उन्हें कहीं नहीं मिला.

प्राकृतिक सौंदर्य से लबरेज मुनस्यारी पहुंचने से पहले बिर्थी फॉल को देख के आपको बहुत ख़ुशी मिलेगी. मिलम, रालम जैसे खूबसूरत ग्लेशियरों का रास्ता भी यहीं से होकर गुजरता है. कुदरत के तोहफों से लबालब भरे मुनस्यारी भले ही हमारी सरकारें खास सुविधाएं मुहैय्या नहीं करा पाई हों, बावजूद इसके यहां साल दर साल पर्यटन कारोबार परवान चढ़ रहा है.
यही के एक पर्यटन कारोबारी का कहना है कि राज्य बनने के बाद सरकार ने यहां जरूरी सुविधाएं बढ़ाने की ओर ध्यान नहीं दिया है. बावजूद इसके हर साल हजारों पर्यटक यहां आ रहे हैं, अगर सरकार थोड़ा ध्यान दें तो पर्यटन और जगह दोनों के ही हालात बहुत हद तक बदल सकते हैं.

पर्यटन को बढ़ाने की तमाम कुदरती चीजें यहां मौजूद हैं. मौसम तो मेहरबान रहता ही है, जिससे नेचुरल ब्यूटी की भी कोई कमी नहीं है. यहां जरूरत है तो बस इतनी कि पर्यटकों को जरूरी सेवाएं मिल सकें. स्वच्छ-सुंदर मुनस्यारी के साथ ही लोगों के लिए सुरक्षित रास्तों का निर्माण कराया जाये .