उत्तराखंड पुलिस के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, गुमशुदा नाबालिको को किया उनके परिजनों के हवाले!

बीते दिनों वादी महेन्द्र सिंह थापा निवासी बडोवाला, देहरादून ने थाना बसंत विहार में लिखित तहरीर दी कि “ उसकी नाबालिक पुत्री उम्र 16 वर्ष दिनांक 16-2-18 को घर से स्कूल के लिये गयी थी किन्तु वापस नही आई”. बता दें कि   गुमशुदा नाबालिक की स्कूटी तथा गुमशुदा का कुएं मे कूदकर आत्महत्या करने का एक सुसाईड नोट, आरकेडिया ग्रान्ट, चाय बगान स्थित कुएं के पास से प्राप्त हुआ. पुलिस ने SDRF/ फायर टीम के साथ तलाशी ली लेकिन, छानबीन में बच्ची का कुछ पता नही चल सका. मामला नाबालिक के गुमशुदा होने के कारण तुरंत  अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन एंव सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर के निकट पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष बंसत विहार के नेतृव्व में गुमशुदा की बरामदगी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया. पुलिस टीम द्वारा आई0एस0बी0टी0 रेलवे स्टेशन तथा शहर से बाहर जाने वाले मार्गो की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया एंव गुमशुदा के दोस्तो एंव स्थानीय लोगो से पूछताछ करते हुये गुमशुदा की वाहट्सअप, फेसबुक प्रोफाईल चैक की गई व उसके मित्रो, परिचितो से गहन पूछताछ की गई.

छानबीन के दौरान सामने आया कि गुमशुदा के स्कूल में पढने वाली पंडितवाडी निवासी नाबालिक बालिका मित्र भी उसी दिन से अपनी माता के ATM से पैसे निकालकर लापता है, जिसकी गुमशुदगी के संबंध में थाना कैन्ट, देहरादून पर उसके पिता महेन्द्र मिश्रा ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी है. गुमशुदाओं द्वारा सहायता हेतु बच्चे के मित्रो से संपर्क किया गया, उक्त नम्बर के संबंध में सर्विलांस द्वारा जानकारी की गई तो यह नम्बर दिल्ली क्षेत्र के आईसक्रीम ठेली विक्रेता का ज्ञात हुआ. जिससे संपर्क करने पर ज्ञात हुआ की उक्त दोनो नाबालिक गुमशुदा मापासेडा बार्डर गली नं03 नई दिल्ली में किराये के मकान पर रहकर नौकरी की तलाश कर रही है.

पुलिस टीम के अथक प्रयासों के बाद दोनो नाबलिक गुमशुदाओं को उक्त स्थान से सकुशल बरामद कर लिया गया है. जिनके द्वारा बताया गया कि हम दोनों पीताम्बरपुर में एक ही स्कूल में पढाई करती है तथा घनिष्ठ मित्र है. उनके परिजन पढाई हेतु डांटते थे तथा फ्रेन्डस के साथ घूमने फिरने से रोकते थे किन्तु दोनो अपनी मर्जी से जीवन व्यतीत करना चाहती थी. जिस कारण भ्रमित करने के लिये एक सुसाईड नोट व स्कूटी कुएं के पास छोड़ दी गई. कैन्ट क्षेत्र से गुमशुदा अपने साथ पैसे लेकर गई थी. जिससे उन्हे दिल्ली में किराये पर कमरा मिला तथा दोनो नौकरी की तलाश कर रही थी। चूंकि दोनो गुमशुदा नाबालिक है तथा दिल्ली से बरामद हुई है, जिनके न्यायालय में बयान दर्ज कराये जा रहे है। गुमशुदाओं की सकुशल बरामदगी पर परिजनो ने भूरी-भूरी प्रशंसा की .

 

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