देहरादून। उत्तराखंड के सपूत शहीद मेजर वीएस ढौंडियाल को शौर्य चक्र (मरणोपरांत) सम्मान दिया गया है। दिल्ली में आयोजित अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मेडल प्रदान किया। जिसे उनकी पत्नी लेफ्टिनेंट नितिका कौल और मां सरोज ढौंडियाल ने प्राप्त किया। इस दौरान लेफ्टिेनेंट निकिता कौल वर्दी में अपने पति का मेडल लेने के लिए आई थीं। मेजर विभूति जिस ऑपरेशन में शहीद हुए उसमें उन्होंने पांच आतंकवादियों को मार गिराया था और दो सौ किलो विस्फोटक बरामद किया गया था।
विदित हो कि शहीद मेजर की पत्नी निकिता कौल सेना में अफसर बन गई हैं। हाल ही में पीओपी के बाद उनकी वर्दी में स्टार सजाए गए। उल्लेखनीय है कि मेजर वीएस ढौंडियाल शादी के दस माह बाद ही शहीद हो गए थे। उनकी शहादत के बाद उनकी अंतिम यात्रा में पूरा शहर उमड़ आया था और शहीद को गौरव और गमगीन माहौल में अंतिम विदाई थी। शहीद मेजर विभूति मूल रुप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले थे और देहरादून में नेशविला रोड पर उनका घर है।
34 साल के मेजर विभूति ढौंडियाल सेना के 55 आरआर (राष्ट्रीय राइफल) में तैनात थे और तीन बहनों के इकलौते भाई थे। मेजर विभूति को बचपन से ही सेना में शामिल होने का जुनून था। शौर्य च्रक शांति के समय वीरता का पदक है। यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता या प्रकट शूरता या बलिदान के लिए दिया जाता है। यह मरणोपरान्त भी दिया जा सकता है।
उत्तराखंड के सपूत शहीद मेजर विभूति को शौर्य चक्र….

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