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उत्तराखंड के खाते में दो और महत्वपूर्ण सम्मान, उपलब्धियों पर उपलब्धियां प्राप्त कर रहा है हमारा प्रदेश

देहरादून। उत्तराखंड के खाते में एक और उपलब्धि आ गई है। अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए ख्याति प्राप्त उत्तराखंड के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए और अधिक चर्चित हो रहा है। इसी सुचर्चा का परिणाम है उत्तराखंड को ‘स्पेशल मेंशन सर्टिफिकेट फॉर फिल्म फ्रेंडली इनवायरमेंट’ पुरस्कार मिलना। यह पुरस्कार प्रदेश के कर्मठ अधिकारी एवं महानिदेशक सूचना डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने राज्य सरकार की ओर से प्राप्त किया।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की उपस्थिति में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी एवं राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर ने उत्तराखंड को ‘स्पेशल मेंशन सर्टिफिकेट फॉर फिल्म फ्रेंडली इनवायरमेंट’ पुरस्कार प्रदान किया।
इसी अवसर पर डॉ. पांडेय को ‘द मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवार्ड ’ भी मिला जो अपने में काफी महत्वपूर्ण सम्मान है। इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि महामहिम राष्ट्रपति की उपस्थिति में केंद्रीय मंत्रियों ने डॉ. पाण्डेय को सम्मानित किया। सचिव एवं उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने कहा कि उत्तराखंड को यह पुरस्कार मिलने से प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। देश-विदेश के फिल्म निर्माता राज्य में अधिक से अधिक संख्या में आएंगे।


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की स्पष्ट सोच है कि राज्य में फिल्म निर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जाए, राज्य में अधिक से अधिक फिल्म निर्माता आएं, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने कहा कि परिषद के माध्यम से फिल्म निर्माताओं को अधिक से अधिक सुविधा देने के लिए पूरे प्रयास किए गए हैं। प्रदेश में निर्मित होने वाली फिल्मों की शूटिंग में शुल्क को समाप्त किया गया है। इससे प्रदेश में फिल्मांकन के प्रति फिल्म निर्माताओं एवं निर्देशकों का रुझान बढ़ा है। एफटीआइ पुणे के सहयोग से परिषद द्वारा आगामी जून एवं जुलाई में स्थानीय युवाओं के लिए आकर्षक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य को यह पुरस्कार राज्य में फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के प्रयासों के लिए दिया गया है। इस अवसर पर नोडल अधिकारी फिल्म विकास परिषद केएस चौहान भी उपस्थित थे।
सचिव/महानिदेशक सूचना तथा उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.पंकज कुमार पाण्डेय ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य को यह पुरस्कार मिलने से प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। देश-विदेश के फिल्म निर्माता राज्य में अधिक से अधिक संख्या में आयेंगे। डॉ.पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के अध्यक्ष भी है और उनके मार्गदर्शन में प्रदेश की फिल्म नीति को और अधिक आकर्षक बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र की स्पष्ट सोच है कि राज्य में फिल्म निर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जाय, राज्य में अधिक से अधिक फिल्म निर्माता आये, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े। डॉ.पाण्डेय ने बताया कि परिषद के माध्यम से फिल्म निर्माताओं को अधिक से अधिक सुविधा मिले, इसके लिए पूरे प्रयास किये गये है। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में प्रदेश में निर्मित होने वाली फिल्मों की शूटिंग में शुल्क को समाप्त किया गया है। इससे प्रदेश में फिल्मांकन के प्रति फिल्म निर्माताओं एवं निर्देशकों का रूझान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद इस दिशा में आगे बढ़ रही है। एफ.टी.आई. पुणे के सहयोग से परिषद द्वारा आगामी जून एवं जुलाई 2018 में स्थानीय युवाओं के लिए आकर्षक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू कराये जा रहे है।
डॉ.पाण्डेय ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य को यह पुरस्कार राज्य में फिल्मों की शूटिंगों के लिए निर्माता/निर्देशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के प्रयासों के लिए दिया गया है। उत्तराखण्ड नया राज्य होने के साथ ही यहां का प्राकृतिक सौन्दर्य पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र भी है। राज्य में कई भोगौलिक चुनौतियां के बावजूद भी उत्तराखण्ड राज्य सरकार द्वारा किये गये सकारात्मक प्रयासों की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर की गई है। प्रतिवर्ष दिये जाने वाले इस पुरस्कार के लिए सभी राज्यों से आवेदन आमंत्रित किये जाते है। जिसके बाद पुरस्कार चयन हेतु गठित समिति द्वारा पुरस्कार के लिए राज्यों का चयन किया जाता है। डॉ.पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इस पुरस्कार के लिए उत्तराखण्ड राज्य का चयन हम सभी के लिए गौरव की बात है। परिषद का गठन वर्ष 2015 में ही हुआ है और अपने इस अल्प कार्यकाल में देश के अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए उत्तराखण्ड राज्य का इस पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।

डॉ.पाण्डेय ने बताया कि वर्ष 2015 से अब तक लगभग 100 से अधिक फिल्म निर्माताओं द्वारा फीचर फिल्म, टी.वी.सीरियल, डाक्यूमेंट्री, वीडियो एलबम आदि की शूटिंग राज्य में की गई है, जिन्हें उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद द्वारा सिंगल विडों के माध्यम से 07 दिन से भी कम समय के भीतर शूटिंग हेतु अनुमति प्रदान की गई है। इनमें कई बड़े बैनरों की भी कई फिल्मों की शूटिंग उत्तराखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में की गई है। जिसमें अजय देवगन प्रोडक्शन द्वारा निर्मित हिन्दी फिल्म “शिवाय”, तिग्मांशु धूलिया निर्देशित राग देश, तेलगु फिल्म “ब्रहमोत्सवम”, हिन्दी फिल्म “शुभ मंगल सावधान”, सोनी टी.वी. पर प्रसारित सीरियल “बडे भैय्या की दुलहनिया, जी.टी.वी. पर प्रसारित धारावाहिक “पिया अलबेला”, एम.टी.वी. पर प्रसारित होने वाला रियलिटी शो २स्र’्र३२५्र”ं २ी२२्रङ्मल्ल 10, टी.सी. धारावाहिक बेपनाह, मराठी फिल्म “फुर्र”’ हिन्दी फिल्म “बत्ती गुल मीटर चालू” तथा हिन्दी फिल्म “स्टूडेंट ऑफ द ईयर-2”, अभिनेता जॉन इब्राहिम द्वारा निर्मित फिल्म “परमाणु”, टोटल धमाल, “रायफलमैन जसबंत सिंह रावत” के साथ ही उत्तराखण्ड क्षेत्रीय बोली की फिल्म “गोपी-भिना, भुली ए भुली, बद्री द क्लाउड, मेजर निराला आदि प्रमुख फिल्में और धारावाहिक की शूटिंग राज्य में हुई है।

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