
उत्तराखंड में बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर अब निगम प्रबंधन और शासन ने भी कमर कस ली है। हड़ताल के बीच व्यवस्था बनाने के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) प्रबंधन ने हड़ताल के विकल्प के तौर पर असिस्टेंट इंजीनियर (Assistant Engineer) और जूनियर इंजीनियरों (Junior Engineer) के पदों पर अस्थायी भर्ती निकाली है। यह भर्ती एक साल के लिए की जा रही है। भर्ती की विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह भर्ती पूर्ण रूप से अस्थायी और एक वर्ष के लिए होगी। भर्ती के लिए चार और 5 अक्तूबर को इंटरव्यू (Interview) लिए जाएंगे।
तीनों ऊर्जा निगमों में कार्यरत कर्मचारियों के आंदोलन करने की सूरत में सरकार ने एस्मा के तहत कार्रवाई की तैयारी कर ली है। यूजेवीएनएल के 189 कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के साथ ही पिटकुल और यूपीसीएल (UPCL) में भी एस्मा के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
तो वहीँ हड़ताल पर वार करने के लिए अधिकारियों ने पेयजल निगम, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों की ड्यूटी ऊर्जा निगमों में लगाने के आदेश जारी किए हैं। इन विभागों के कर्मचारियों का कहना है कि जो इंजीनियर सड़क बनाने का काम करता है, वह बिना प्रशिक्षण पावर हाउस कैसे चलाएगा। अधिकारियों का यह पैंतरा भी कामयाब होता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि इस पर पेयजल निगम समन्वय समिति ने विरोध जता दिया है।
