जंहा दिवाली की रोशनी ने पूरे देश को उजाले से भर दिया वहीं एक घटना ने दिवाली पर किसी घर का दिया हमेशा-हमेशा के लिए बुझा दिया और घर में छोड़ा तो केवल अंधेरा। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है जहां मंदिर में दीपक जलाने गए किशोर को गांव के ही कुछ लोगों ने जिंदा जला दिया। घटना संभल जनपद के गुन्नौर की है।
जैसे ही घटना की जानकारी लोगों को हुई, आनन-फानन में लोग किशोर को उठा कर अस्पताल ले गए और अस्पताल ले जाते समय किशोर की मौत हो गई।
सूत्रों की मानें तो जिन लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर लिखवाई गई है उन पर ही दस दिन पहले इसी किशोर को अगवा कर ले जाने का आरोप भी लगा था। उस समय किशोर वापस आ गया था और किसी भी तरह की कानूनी कार्रवायी नहीं की गई थी।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है और आरोपियों को जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।
लेकिन यहां बड़ा सवाल ये है कि आखिर मृतक ने ऐसा कौन सा गुनाह किया था कि उसको कुछ लोगों ने मौत के ही घाट उतार दिया और क्या कानून का समाज में कोई डर नहीं रह गया कि सरे आम एक व्यक्ति को जिंदा जला दिया गया।



