
देहरादून। अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा सेनानी मंच 306वें दिन भी अपने धरने पर डटा रहा। सेनानी मंच के लोगों का मानना है कि सरकार अब तक उनकी मांगों पर मौन बनी हुई है और कोई निर्णय नहीं लेना चाहती, जिसके कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। देहरादून के कचहरी प्रांगण स्थित शहीद स्मारक पर उत्तराखंड सेनानी मंच के आंदोलनकारी अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर लगभग एक साल से जमे हुए है। इतना ही नहीं अपनी मांगों को लेकर यह सचिवालय भी कूच कर चुके हैं और पुलसिया जुल्म में सहा है। उसके बावजूद लगातार धरने पर जमे हुए है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार इन मांगों के संदर्भ में अब तक कोई निर्णय नहीं ले पा रही है जो इस बात का संकेत है कि सरकार को इन लोगों की कतई चिंता नहीं। आंदोलनकारी भी इस बात पर अड़े हुए है कि जब तक मुख्यमंत्री द्वारा उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता तब तक वह धरने पर बैठे रहेंगे और सरकार की गले की फांस बने रहेंगे। 306वें दिन जिन लोगों ने धरना स्थल पर अनशन जारी रखा उनमें शोभा रावत, मनोहर नेगी, सतेश्वरी देवी, दिगम्बर सिंह, चंद्रपाल सिंह रावत, राजेन्द्र सिंह, सत्यपाल सिंह चौहान, शकुंतला खंतवाल समेत अन्य एक दर्जन लोग शामिल थे।