
देहरादून : ऐसी मान्यता है कि शनिदेव हमारे कर्मों का फल प्रदान करते हैं। इसीलिए शनिदेव को कर्मफल दाता के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार कुंडली में शनि अशुभ हो तो हर शनिवार शनिदेव को तेल चढ़ाना चाहिए। यह उपाय सभी राशि के लोग कर सकते हैं। शास्त्रों की माने तो जो लोग ये उपाय नियमित रूप से करते रहते हैं, उन्हें साढ़ेसाती और ढय्या में भी शनि की कृपा प्राप्त होती है।
शास्त्रों के अनुसार अगर शनिदेव को इस तरीके से तेल चढ़ाया जाए तो वे जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्त हर तरह से रक्षा करते हैं।
1 – शनिदेव को हमेशा लोहे के बर्तन से ही तेल चढ़ाना चाहिए। कांच, तांबा या स्टील की कटोरी से तेल चढ़ाने पर उसका पूरा लाभ नहीं मिलता।
2 – शनिदेव को तेल चढ़ाते समय इस बात का ध्यान रखे कि वह पूरी तरह शुद्ध हो और अगर आप अपने घर के तेल को लेकर जाएंगे तो और ज्यादा शुभ होगा ।
3 – तेल चढाने से पहले तेल में अपने चेहरे की छाया को जरूर देख लेना चाहिए। ऐसा करने से शनि के सभी दोष दूर हो जाते है।
4 – तेल चढ़ाते समय शनिदेव के पैरों के दर्शन अवश्य करने चाहिए। ऐसा करना बहुत शुभ माना जाता है।
5 – तेल चढाने के साथ ही धन का दान भी अवश्य करना चाहिए।





