रिश्ता कांच की तरह नाजुक होता है। रिश्ते में एक भी दरार रिश्तें को कमजोर बना देती है। कई बार ऐसा देखा गया है कि लोग समाज के डर से रिश्ते को निभाते है और घुटघुट कर जीते है। पर एक्सपर्ट की मानिए तो ऐसे रिश्तो का बोझ उठाना खुद को तकलीफ देना है।
अमूमन ऐसे मौकों पर लोग चुप रहना ही बेहतर समझते हैं और उनकी यह चुप्पी धीरे-धीरे डिप्रेशन में बदल जाती है। कुछ लोग तो आत्महत्या करने के बारे में भी सोचने लगते हैं। लेकिन ऐसा करना और सोचना दोनों ही गलत है। हर मुश्किल दौर से बाहर निकला जा सकता है। जरूरत है तो सिर्फ थोड़ी सी हिम्मत की। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसी ही स्थिति है तो, बेहतर होगा कि आप इन टिप्स पर ध्यान दें।
परिवार के संपर्क मे रहें
कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जो कभी भी हमारा साथ नहीं छोड़ते। वे हर स्थिति में हमारे साथ, हमारे लिए खड़े रहते हैं। वे हमें किसी स्थिति या बात से जज नहीं करते। उनके लिए हम हमेशा उनके अपने होते हैं। जब परिस्थितियां विपरीत हों तो परिवार से दूरी न बनाएं। यह मत सोचें कि उन्हें तकलीफ होगी, बुरा लगेगा। किसी और से सच्चाई पता चलने पर उन्हें ज्यादा बुरा लगेगा। यकीन मानिए, उनसे बात करके आपको भी काफी राहत मिलेगी।
कई बार ऐसा होता है कि रिलेशनशिप में आने के बाद हम अपने दोस्तों से कट जाते हैं। दोस्तों से कट जाना सही नहीं है, खासतौर पर तब जब आप किसी अब्यूसिव रिलेशनशिप में हों। दोस्तों का साथ आपकी इस तकलीफ को कम करेगा और आप कुछ वक्त के लिए ही सही लेकिन उस तकलीफ से बाहर निकल सकेंगी।
घर पर खाली न बैठें
अगर आप इस तकलीफ से उबरना चाहती हैं तो घर पर बैठने से बेहतर है कि आप जॉब करें। इससे आप बिजी भी रहेंगी और आत्मनिर्भर भी बनेंगी।
काउंसलिंग सेशन के लिए जाएं
हम सभी को लगता है कि हम बहुत मजबूत हैं। हमें किसी की कही कोई बात असर नहीं करेगी लेकिन ऐसा नहाीं होता। ऐसी स्थिति में हमें एक गाइड की जरूरत होती है। जो हमारी दिक्कतों को समझे और सही सलाह दे। हो सके तो काउंसलिंग सेशन के लिए जाएं।
पैट के साथ वक्त बिताएं
पैट थेरेपी डिपेशन से बाहर आने के जिए काफी मददगार साबित होती है। अगर आपके घर में कोई पालतू जीव नहीं है तो कोई सा भी पालतू जानवर घर लाएं। पालतू जीवों के साथ वक्त बिताने से टेंशन कम होती है। साथ ही आप बिजी भी हो जाएंगी, जिससे इस स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी।