
ज्योतिष की मानें तो आपके शारीरिक अंगों और उन पर मौजूद तिलों का कुछ न कुछ मतलब जरुर होता है। आम तौर पर लोगो का मानना है कि जिस व्यक्ति के पेट पर तिल होता है, उसे जीवन में बहुत स्वादिष्ट भोजन मिलता है, जिस व्यक्ति के मस्तिष्क पर तिल होता है वह बहुत समझदार होता है, जिसकी हथेली पर तिल होता है वह धनवान होता है और जिसके पांव के नीचे तिल होता है उसे जीवन में घूमने के बहुत मौके मिलते हैं।
देखा जाए तो जरूरी नहीं है कि ये तिल सभी की अंगुलियों पर मौजूद हो, लेकिन जिनकी अंगुली पर होता है इसका क्या मतलब होता है..
अनामिका अंगुली के नीचे सूर्य पर्वत होता है, जिसके पहले भाग में तिल होता है व्यक्ति अपने ही कर्मों की वजह से अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा को समाप्त करने वाला है। माना जाता है कि ऐसे व्यक्ति अत्याधिक क्रोधी स्वभाव के होते हैं।इस भाग पर तिल हमेशा हल्के रंग का होता है, लेकिन अगर आपका यह तिल लाल रंग का दिखाई पड़ने लगा है तो आपको अपनी हड्डियों और किसी भी तरह के दर्द को लेकर सचेत रहना चाहिए।

वहीं अगर इसी अंगुली के दूसरे भाग पर तिल है तो कमजोर रिश्तों की ओर इशारा करता है। यह तिल इस बात का प्रमाण है कि आपका कोई भी रिश्ता मजबूती की ओर नहीं बढ़ पाता। यह रिश्ता माता, पिता, भाई, जीवनसाथी…किसी के साथ भी हो सकता है। अनामिका अंग़ुली के तीसरे भाग पर तिल होने का अर्थ है कि व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर होता है और उसके अंदर आत्म विश्वास की कमी है। ये तिल हमेशा हल्के रंग का ही दिखाई देता है। आपके भीतर मौजूद लालच आपको शुरुआती लाभ तो दिलवा सकता है लेकिन बाद में आपको परेशानी होगी।अनामिका अंग़ुली के एकदम नीचे अगर कोई तिल मौजूद है तो आंखों की कमजोरी की ओर इशारा करता है।
कनिष्ठिका अंगुली, जिसका संबंध बुध पर्वत से है, पहले भाग पर तिल होने का अर्थ है व्यक्ति के भीतर धन का अत्याधिक लालच मौजूद है। ऐसे लोग जीवन में बहुत धन कमाते भी हैं और इनके भीतर लालच की भी अधिकता रहती है। कनिष्ठिका अंगुली के आखिरी भाग पर तिल होने का अर्थ है कि व्यक्ति दिमागी तौर पर बहुत तेज है और बहुत सोच-समझकर अपने निर्णय लेता है। लेकिन तिल यह भी बताता है कि भविष्य में आपको कोई बड़ा नुकसान भी हो सकता है। अपको पेट से संबंधित बीमारियों से बचकर रहना चाहिए।
गुरु पर्वत से संबंधित तर्जनी अंगुली के पहले भाग पर अगर तिल होता है तो यह बढ़े हुए अहंकार की बात करता है। अगर यह तिल हल्के रंग का है तो यह परिष्कृत रणनीतियों के विषय में बताता है। ऐसे लोगों को सुनना बहुत दिलचस्प होता है लेकिन एक बात और है… ये लोग अंत में एकदम अकेले रह जाते हैं।

तर्जनी अंगुली के दूसरे भाग पर तिल तक होता है जब आपकी कुंडली में बृहस्पति या शुक्र ग्रह नकारात्मक होते हैं। ये लोग अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख पाते और ना ही आसानी से किसी के साथ जुड़ते हैं। किसी के साथ गंभीर रिश्ते में होना इनके लिए टेढ़ी खीर है।तर्जनी अंगुली के आखिरी भाग में तिल दर्शाता है कि व्यक्ति का खान-पान गलत है।

