देहरादून: पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर आज उत्तराखंड भर में बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हुई इस हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं ठप रहीं और राज्य में करीब 8 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
बैंक कर्मियों की हड़ताल से कारोबार प्रभावित
दरअसल, इस हड़ताल में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की नौ प्रमुख यूनियन शामिल रहीं। हड़ताल के चलते राज्य के अधिकांश सरकारी और निजी बैंकों में लेनदेन बुरी तरह प्रभावित हुआ। नकद निकासी, जमा, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंकिंग सेवाएं बाधित रहीं, जिससे आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसी कड़ी में देहरादून में बैंक कर्मियों ने राजपुर रोड स्थित सेंट्रल बैंक के सामने प्रदर्शन किया और रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के पदाधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से बैंकिंग सेक्टर में सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू करने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार और भारतीय बैंक संघ की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
यूनियन नेताओं ने बताया कि वर्ष 2015 में हुए दसवें द्विपक्षीय समझौते में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश तय किया गया था। जबकि बाकी शनिवार कार्यदिवस रखे गए। उस समय शेष शनिवारों को अवकाश देने पर विचार का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद 2022 और 2023 में भी इस मुद्दे पर सहमति बनी और कार्य समय बढ़ाकर सभी शनिवार अवकाश रखने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया, जो अब तक लंबित है।
वहीं, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन देहरादून के संयोजक इंदर सिंह रावत ने कहा कि जब आरबीआई, एलआईसी, जीआईसी, स्टॉक एक्सचेंज और अधिकांश सरकारी कार्यालयों में सोमवार से शुक्रवार तक ही कार्य होता है, तो बैंक कर्मचारियों के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार अनदेखी के कारण कर्मचारियों में गहरा रोष है और इसी के चलते मजबूरन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।


