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तीन सड़क हादसों के बाद एसएसपी का कड़ा कदम, पांच प्रमुख चौराहों पर शुरू हुई गहन नाकाबंदी…..

देहरादून – राजधानी में पिछले तीन दिनों में हुए सड़क हादसों के बाद एसएसपी ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए शहर के पांच प्रमुख चौराहों पर सख्ती से वाहनों की चेकिंग करने के निर्देश जारी किए हैं। इन चौराहों पर एसपी व सीओ रैंक के अधिकारी एल्कोमीटर के साथ तैनात रहेंगे और वाहनों की जांच करेंगे। इसके साथ ही उन चौराहों और तिराहों पर जहां पुलिस पिकेट लगाते हैं, वहां भी सामान्य चेकिंग जारी रहेगी।

पिछले कुछ दिनों में शहर में लगातार सड़क हादसों के कारण चिंता बढ़ गई है। 11 नवंबर की देर रात ओएनजीसी चौक पर एक इनोवा और कंटेनर के बीच टक्कर में छह युवक-युवतियों की मौत हो गई थी। इसके बाद 13 नवंबर की रात आशारोड़ी के पास एक कंटेनर से टकराकर पिकअप चालक की मौत हुई और गुरुवार रात नेहरू कालोनी में ट्रक के आटो से टकराने से आटो चालक की भी जान चली गई। इन हादसों ने एसएसपी को शहर में रात्रि चेकिंग को और प्रभावी बनाने का निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।

एसएसपी ने शुक्रवार को निर्देश दिए कि दिलाराम चौक पर एसपी सिटी प्रमोद कुमार, कारगी चौक पर एसपी देहात लोकजीत सिंह, शिमला बाइपास चौक पर एसपी यातायात मुकेश ठाकुर को तैनात किया जाए। इसके अलावा प्रेमनगर में सीओ रीना राठौर और सहस्त्रधारा रोड पर सीओ सदर अनिल जोशी को चेकिंग की जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी रात्रि 8 से 10 बजे तक वाहनों की चेकिंग करेंगे। इसके अलावा अन्य तिराहों और चौराहों पर सीओ और थानाध्यक्ष भी वाहनों की चेकिंग करेंगे।

एसएसपी ने बताया कि राजधानी में रात के समय शराब के नशे में वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं, खासकर पब और पार्टियों से निकलने वाले लोग तेज गति से वाहन चलाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि कई बार पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मी गहनता से चेकिंग नहीं करते, जिसके कारण चालक बेधड़क वाहन दौड़ाते हैं।

हालांकि, पुलिस विभाग को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वर्तमान में फोर्स की कमी है। केदारनाथ उप चुनाव और विभिन्न बड़े मेले के कारण पुलिस बल की बड़ी संख्या ड्यूटी पर तैनात है, जिससे रात्रि चेकिंग और कानून व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। बावजूद इसके, एसएसपी ने पूरी कोशिश की है कि सीमित संसाधनों के बावजूद शहर में सुरक्षा कड़ी की जाए और सख्त चेकिंग की जाए ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।

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