
हरिद्वार – देव संस्कृति विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मेधावी छात्र-छात्राओं को उपाधियां और स्वर्ण पदक प्रदान कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
देव संस्कृति विवि का सप्तम दीक्षांत समारोह संपन्न
स्वामी अवधेशानंद गिरि ने विश्वविद्यालय के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि यहां के विद्यार्थी केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिकता और संस्कारों से युक्त नागरिक बनकर समाज में परिवर्तन लाने के लिए तैयार हो रहे हैं। उन्होंने गायत्री परिवार के सिद्धांतों को भारत को वैश्विक शक्ति बनाने की आधारशिला बताया।
तीर्थों की पवित्रता और गौरव की रक्षा हमारा धर्म
हरिद्वार और हर की पौड़ी की मर्यादा को लेकर पूछे गए सवाल पर आचार्य महामंडलेश्वर ने स्पष्ट कहा कि तीर्थों की पवित्रता और उनका गौरव अक्षुण्ण रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को केवल रोजगार का माध्यम न बनाएं, बल्कि सनातन मूल्यों की रक्षा और समाज कल्याण के लिए भी उसका उपयोग करें।



