Love Marriage Dispute: पंजाब के कई गांवों में पंचायतों ने लव मैरिज पर बैन लगा दिया है। चंडीगढ़ से महज 10 किमी दूर मानकपुर शरीफ़ पंचायत के फैसले का विरोध शुरू हो गया है।
चंडीगढ़: पंजाब के फरीदकोट, मोहाली और मोगा जिलों की कई ग्राम पंचायतों ने प्रेम विवाहों पर सख्त रुख अपनाते हुए लव मैरिज पर बैन लगा दिया है, खासकर जब लड़का-लड़की एक ही गांव से हों। पंचायतों का कहना है कि ऐसे विवाह सामाजिक तनाव, हिंसा और पारिवारिक झगड़ों को बढ़ाते हैं।
पंचायतों की ओर से जारी प्रस्तावों में कहा गया है कि यदि कोई युवक-युवती परिवार की अनुमति के बिना कोर्ट मैरिज करते हैं, तो उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और उन्हें गांव में रहने नहीं दिया जाएगा। यदि कोई ग्रामीण उनकी मदद करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
हाल ही में फरीदकोट के सिरसारी और अनोखपुरा, मोहाली के मानकपुर शरीफ और मोगा के घाल कलां गांवों की पंचायतों ने ऐसे प्रस्ताव पारित किए हैं। घाल कलां गांव में तो एक महिला जसबीर कौर के बेटे के भागकर शादी करने के बाद पूरे परिवार को गांव छोड़ना पड़ा था। कौर पर बाद में लड़की के परिजनों की महिलाओं द्वारा कथित हमला भी किया गया।
मानकपुर शरीफ पंचायत ने 31 जुलाई को अपने प्रस्ताव में कहा कि बिना परिवार की सहमति के शादी करने वालों को गांव या आसपास के क्षेत्रों में रहने नहीं दिया जाएगा। पंचायत ने सर्वसम्मति से इसे ‘सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए’ आवश्यक कदम बताया है।
इस मामले में राज्य महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद कुछ जगहों पर एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, नाभा के गलवट्टी गांव का एक पुराना मामला अब फिर चर्चा में है, जहां लव मैरिज करने वाले एक जोड़े को पंचायत द्वारा बहिष्कृत किया गया और वे हाई कोर्ट का रुख करने की तैयारी में हैं।
इन पंचायतों ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह एक ही गांव में विवाह पर प्रतिबंध लगाए और इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा करे।