हल्द्वानी: नैनीताल जिले के हल्द्वानी में काठगोदाम तिराहे से लेकर गौला पुल तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण परियोजना को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस महत्वपूर्ण कार्य के तहत प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जैसे ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, वैसे ही कई स्थानीय लोग स्वयं भी अपने स्तर पर अतिक्रमण हटाते नजर आए। गौरतलब है कि इससे पहले ही प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया जा चुका था।
काठगोदाम क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई
दरअसल, काठगोदाम क्षेत्र में लंबे समय से लंबित सड़क चौड़ीकरण योजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क किनारे बने अवैध ढांचों को हटाया गया, वहीं दूसरी ओर बिजली की लाइनों को शिफ्ट करने का कार्य भी साथ-साथ चल रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि निर्माण कार्य के दौरान किसी तरह की तकनीकी बाधा सामने न आए।
नोटिस के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण
प्रशासन के मुताबिक, अतिक्रमणकारियों को पहले ही पर्याप्त समय दिया गया था, ताकि वे स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा सकें। इसके बावजूद तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कई स्थानों पर अतिक्रमण जस का तस बना रहा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय खेलों के बीच भी इस मार्ग पर चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया गया था, उस समय कुछ अतिक्रमण हटाए गए थे और बाकी लोगों को नोटिस थमाए गए थे। लेकिन, एक वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े। कुछ स्थानों पर स्थानीय लोगों के अनुरोध पर अधिकारियों ने उन्हें स्वयं अतिक्रमण हटाने का मौका भी दिया।
यातायात और शहर की तस्वीर बदलेगा
सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था कहीं अधिक सुचारु हो जाएगी और काठगोदाम क्षेत्र को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। इसके साथ ही सौंदर्यीकरण कार्य पूरा होने के बाद शहर के प्रवेश द्वार की छवि भी बदलेगी। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ये अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और विकास कार्यों में रोड़ा बनने वाले किसी भी अतिक्रमण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

