नई दिल्ली – भारतीय नौसेना ने बहादूरी की एक ओर मिशाल पेश की है। उसने शुक्रवार को उत्तरी अरब सागर में हाईजैक हुए मालवाहक जहाज ‘एमवी लीला नॉरफॉक’ में समुद्री लुटेरों के चंगुल में फंसे सभी 21 लोगों को बचा लिया। इन लोगों में 15 भारतीय भी शामिल हैं। जहाज पर सवार लोगों को सुरक्षित निकाले जाने के बाद मरीन कमांडोज जांच पड़ताल कर रहे हैं। इस पूरी घटना का नौसेना ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो साझा किए हैं। वीडियो में कमांडो जहाज पर जाते और ऑपरेशन को अंजाम देते हुए दिखाई दे रहे हैं।
ऐसे नौसेना ने जहाज को घेरा
नौसेना के मार्कोस कमांडो ने बताया कि सूचना मिली थी कि जहाज पर हथियार से लैस पांच से छह लोग सवार हैं, जिनके बारे में कुछ जानकारी नहीं है। इस पर जहाज का पता लगाने के लिए तुरंत एक युद्धपोत, समुद्री गश्ती विमान पी-8 आई और लंबी दूरी के ‘प्रीडेटर एमक्यू9बी ड्रोन’ को तैनात किया गया। आईएनएस चेन्नई ने शुक्रवार को दोपहर बाद करीब 3:15 बजे अरब सागर में सोमालिया के तट के पास अगवा पोत को घेर लिया था।
#IndianNavy’s Swift Response to the Hijacking Attempt of MV Lila Norfolk in the North Arabian Sea.
All 21 crew (incl #15Indians) onboard safely evacuated from the citadel.Sanitisation by MARCOs has confirmed absence of the hijackers.
The attempt of hijacking by the pirates… https://t.co/OvudB0A8VV pic.twitter.com/616q7avNjg
— SpokespersonNavy (@indiannavy) January 5, 2024
लुटेरों को दी चेतावनी
कमांडो ने बताया कि जवानों ने जहाज को चारों ओर से घेर समुद्री लुटेरों को जहाज को छोड़ने की चेतावनी दी। उसके बाद भारतीय नौसेना के मार्कोस कमांडो अगवा पोत पर उतरे और ऊपरी डेक, मशीनरी डिब्बों और रहने की जगहों पर तलाशी ली तो कोई लुटेरा वहां मौजूद नहीं था। ऐसे में लग रहा कि जब उन्होंने बड़ी संख्या में जवानों को देखा तो वो डर की वजह से रात के अंधेरे में वहां से भाग निकले। फिलहाल, भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस चेन्नई कार्गो शिप एमवी लीला नॉरफॉक के पास मौजूद है। जहाज में बिजली उत्पादन और नेविगेशन सिस्टम को बहाल करके उसे अगले बंदरगाह तक यात्रा शुरू करने में मदद की जा रही है।
हर कोई कर रहा तारीफ
भारतीय नौसेना की बहादूरी को लेकर हर कोई बात कर रहा है। वहीं, जहाज के मालिक लीला ग्लोबल के मुख्य कार्यकारी स्टीव कुंजर ने नौसेना को धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह जहाज पर मौजूद चालक दल की तारीफ करना चाहते हैं कि उन्होंने कठिन हालातों में होश न खोकर जिम्मेदारी से काम लिया।
गौरतलब है, अपहरण का प्रयास ऐसे समय में किया गया है जब इस्राइल-हमास संघर्ष के बीच लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर हूती उग्रवादियों द्वारा हमले तेज किए जाने को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
पोत पर सवार सभी भारतीय सुरक्षित
यूके समुद्री व्यापार संचालन (यूकेएमटीओ) एजेंसी ने बताया कि पोत पर सवार सभी भारतीय सुरक्षित हैं। आईएनएस चेन्नई की निगरानी में उसे सोमालिया के तट से बाहर निकाला जा रहा है। इससे पहले यूकेएमटीओ से ही नौसेना को गुरुवार को सूचना मिली थी कि पोत पर पांच-छह लुटेरे सवार हो गए हैं और उसे सोमालिया की तरफ से ले जा रहे हैं। मालवाहक पोत ब्राजील के पोर्ट डू एको से बहरीन के खलीफा बिन सलमान पोर्ट जा रहा था। लेकिन करीब दस दिन पहले ही लुटेरों ने अदन की खाड़ी में एमवी रुएन का अपहरण कर लिया था।
समुद्री लुटेरों की फिर बढ़ी सक्रियता
गुरुवार को लाल सागर में हूती विद्रोहियों के मालवाहक जहाजों हमले को लेकर विदेश मंत्रालय ने चिंता जाहिर की थी। समुद्री लुटेरों का फिर से सक्रिय होना पूरे विश्व के लिए एक चिंता का विषय बन गया हैं। गौरतलब है कि 2017 में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी में कई देशों की नौसेना के विशेष अभियान ने इन लुटेरों का लगभग सफाया कर दिया था।
समुद्री लुटेरों की अब खैर नहीं- नौसेना अधिकारी
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने अरब सागर में भारतीय युद्धपोतों को समुद्री लुटेरों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हमलों को रोकने के लिए अरब सागर में भारतीय नौसेना के चार युद्धपोत तैनात किए गए हैं। नौसेना अधिकारी ने बताया कि भारतीय नौसेना मुख्यालय समुद्र में अपने अभियानों पर कड़ी नजर रख रहा हैं।


