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गढ़ी कैंट में आयोजित “हिमालय की गूँज” मिलिट्री बैंड सिम्फनी में राज्यपाल गुरमीत सिंह हुए शामिल

देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज उत्तराखण्ड सब एरिया द्वारा गढ़ी कैंट में आयोजित “हिमालय की गूँज” मिलिट्री बैंड सिम्फनी में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर बंगाल इंजीनियर ग्रुप बैंड, कुमाऊँ रेजीमेंट सेंटर बैंड तथा गढ़वाल रेजीमेंट सेंटर बैंड द्वारा अत्यंत मनमोहक और आकर्षक प्रस्तुति दी गई, जिसका उपस्थित लोगों ने भरपूर आनंद लिया। बैंड द्वारा बेडू पाको बारा मासा, तेरी मिट्टी में मिल जावां, दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए, देहि शिवा वर मोहे तथा ओ देश मेरे जैसे देशभक्ति और लोक गीतों की मधुर धुनें प्रस्तुत की गईं, जिन्होंने पूरे वातावरण को जोश, उत्साह और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत कर दिया।

“हिमालय की गूँज” मिलिट्री बैंड सिम्फनी में राज्यपाल ने किया प्रतिभाग

इस अवसर पर अपने सं बोधन में राज्यपाल ने कहा कि सैन्य बैंड भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन और रेजिमेंटल विरासत के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि सैन्य बैंड केवल संगीत की प्रस्तुति नहीं होते, बल्कि वे सैनिकों के मनोबल को सुदृढ़ करने और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रबल बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। उन्होंने कहा कि आज गूंजती हुई यह बैंड सिम्फनी हम सभी के हृदय में राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक प्रबल करेगी।

सैन्य बैंड की मधुर धुनों से गूंजा “हिमालय की गूँज” कार्यक्रम

राज्यपाल ने कहा कि कार्यक्रम का शीर्षक “हिमालय की गूँज” अत्यंत सार्थक है। हिमालय केवल पर्वतों की श्रृंखला नहीं, बल्कि धैर्य, साहस, स्थिरता और अडिग संकल्प का प्रतीक है। जिस प्रकार हिमालय भारत की रक्षा का प्रतीक है, उसी प्रकार हमारे सैनिक राष्ट्र की सीमाओं के अडिग प्रहरी बनकर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

राज्यपाल ने सफल आयोजन के लिए दी बधाई 

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना केवल शक्ति का ही नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की सर्वाेच्च परंपरा का प्रतीक है। सीमाओं पर तैनात हमारे सैनिक राष्ट्र की रक्षा करते हैं तथा आपदा के समय मानवता के सच्चे सेवक के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राज्यपाल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सेना के अधिकारियों, जवानों और आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को सेना की समृद्ध परंपराओं और राष्ट्रसेवा की भावना से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

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