Friday, March 13, 2026
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DIGITAL INDIA की अलख जगाने वाले दीपक कुमार की सचिवालय से विदाई पर सवाल !

IAS लॉबी के पुरजोर विरोध के चलते दीपक कुमार की सचिवालय से विदाई हो गयी, मामला लैपटॉप खरीद से जुड़ा है और इसे घोटाले का नाम दिया गया हैं, घोटाला भी तब, जब लैपटॉप की खरीद केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा खरीद के लिए अधिकृत पोर्टल से की गयी थी, जानकार बताते हैं, इस खरीद पर सवाल उठाने वाले कुछ ऐसे अफसर हैं जो पिछले कई वर्षो से विभागों के लिए कंप्यूटर और अन्य उपकरण देहरादून की विभिन्न दुकानों से मार्किट रेट से कई गुना अधिक दामो पर खरीदते हैं.

इस पूरे प्रकरण पर राडार पर आये उत्तराखंड के पूर्व सचिव सूचना प्रौद्योगिकी दीपक कुमार ने कहा हैं कि समाज कल्याण विभाग के लिए हुई लैपटॉप खरीद में उनके ऊपर लगाये गए सब इलज़ाम बे बुनियाद हैं। उन्होंने बताया कि यह खरीद सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आइटीडीए) के जरिये की गई थी। दीपक का कहना हैं कि पिछले पांच साल में प्रदेश के विभिन्न विभागों में जितनी भी कंप्यूटर खरीद हुई है उनकी जांच की जानी चाहिए।

आपको बता दे कि उत्तराखंड में बीते वर्ष समाज कल्याण विभाग ने एससी, एसटी व मेघावी छात्रों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की घोषणा के क्रम में लैपटॉप खरीद की गई थी। इस लैपटॉप खरीद पर खूब तनातनी हुई।

इस खरीद में यह आरोप लगे कि इन लैपटॉप को बाजार मूल्य से अधिक दाम पर खरीदा गया था। इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन सचिव सूचना प्रौद्योगिकी दीपक गैरोला भी जांच के घेरे में आ गए थे।

चुनाव के बाद भाजपा सरकार के आने के साथ ही उनका कार्यकाल भी पूरा हो गया और उन्हें मूल विभाग के लिए रिलीव कर दिया गया है।

पूर्व सचिव सूचना प्रौद्यौगिकी दीपक कुमार ने अब इस प्रकरण पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। दीपक कुमार का कहना है कि लैपटॉप खरीद पर उठे सवाल पर उन्होंने निदेशक आइटीडीए से जवाब मांगा था। निदेशक आइटीडीए ने जवाब में यह बताया गया कि खरीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थापित जन पोर्टल से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ही की गयी थी।

यदि इसके बाद भी कोई बात उठती है तो इसकी जांच करा ली जाएगी। पूर्व सचिव का कहना हैं कि जांच केवल इसी खरीद की नहीं बल्कि प्रदेश में पांच सालों में सभी विभागों के जरिए की गई कंप्यूटर खरीद की भी होनी चाहिए।

दीपक कुमार की नियुक्ति बहुगुणा सरकार के कार्यकाल में हुई थी और पहले नौ माह उन्हें बाध्य प्रतीक्षा रखा गया था।

दीपक कुमार उत्तराखंड के मूल निवासी हैं और अपने प्रदेश में अपनी सेवाए देना चाहते थे, बता दे की दीपक गैरोला ने प्रधान मंत्री के DIGITAL INDIA के लिए सराहनीय कार्य किया था.

 

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