देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इस जांच का भी वही हश्र हो सकता है, जैसा पहले पेपर लीक मामले में देखने को मिला था। कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता के आक्रोश को देखते हुए आनन-फानन में सीबीआई जांच की घोषणा तो कर दी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही है।
अंकिता भंडारी मामले में कांग्रेस का सरकार पर निशाना
पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि दोनों ही मामलों—अंकिता हत्याकांड और पेपर लीक प्रकरण—में सीबीआई की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने क्यों नहीं आया है। उनका कहना था कि इससे ये संदेह गहराता है कि राज्य सरकार इस मामले में गंभीर नहीं है और शुरुआत से ही जांच को प्रभावित करने की कोशिश होती रही है।
अंकिता भंडारी मामले में न्याय न मिलने पर आन्दोलन करेगी कांग्रेस
गणेश गोदियाल ने चेतावनी दी कि यदि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की दिशा में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी। उन्होंने काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण का भी जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में न तो जांच पूरी हुई है और न ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन पुलिसकर्मियों पर लीपापोती का आरोप है, उन्हें आम जनता की सुरक्षा के बजाय अन्य स्थानों पर क्यों तैनात किया गया।
भाजपा को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले खुद के अन्दर झांकना चाहिए
इसके अलावा, एक अलग बयान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा के अंदरूनी हालातों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के बीच गुटबाजी किसी से छिपी नहीं है। अरविंद पांडेय से जुड़े घटनाक्रम का हवाला देते हुए उन्होंने तंज कसा कि भाजपा दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने भीतर झांकने की जरूरत है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के बैनर-पोस्टरों से दुष्यंत गौतम की तस्वीरों का अचानक गायब होना कई सवाल खड़े करता है और यह संकेत देता है कि पार्टी भी कहीं न कहीं अंकिता हत्याकांड से जुड़े वीआईपी को लेकर दबाव में है।
कुल मिलाकर, कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले को भुलाने नहीं देगी और जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलता, तब तक सरकार से जवाबदेही की मांग करती रहेगी।



