RTO का बड़ा एक्शन प्लान
देहरादून: देहरादून की सड़कों पर ट्रैफिक नियम अब मज़ाक बनते जा रहे हैं और कुछ लोगों के लिए तो ये जैसे रोज़मर्रा की आदत बन गई है। लेकिन अब आरटीओ ने ठान लिया है — जो सुधरेंगे नहीं, उन्हें सिखाया जाएगा!
शहर में बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों की भरमार है, और उनमें भी कुछ ऐसे “जांबाज़” हैं जिन्होंने चेतावनियों, चालानों और हादसों तक को नज़रअंदाज़ कर दिया है। अब आरटीओ ऐसे लोगों के खिलाफ घर जाकर एक्शन लेने वाला है।
क्या है मामला?
आरटीओ कार्यालय में जब हाल ही में डाटा की समीक्षा की गई तो चौकाने वाली बातें सामने आईं। एक ऐसा व्यक्ति मिला है जिसका 42 बार बिना हेलमेट के चालान कट चुका है!
आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी के मुताबिक ऐसे लोग न केवल अपनी जान से खिलवाड़ करते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी खतरा बन जाते हैं। अब हमने ऐसे 10 रिपीटेड ऑफेंडर्स को चिन्हित कर लिया है, जिन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब क्या होगा?
चिन्हित किए गए लोगों के घर जाकर वाहन जब्त किए जाएंगे
उन्हें आरटीओ कार्यालय लाया जाएगा
2 घंटे की काउंसलिंग दी जाएगी – जैसे बच्चों को पढ़ाया जाता है
अगर किसी के पास हेलमेट खरीदने के पैसे नहीं हैं, तो हेलमेट मुफ्त दिए जाएंगे
कानून की नहीं, अब समाज की बात
संदीप सैनी ने कहा कि शहर की सुंदरता उसकी सड़कें, इमारतें या रोशनी से नहीं, बल्कि नागरिकों के व्यवहार और अनुशासन से तय होती है। उन्होंने आगे कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन केवल एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
क्यों जरूरी है सख्ती?
देहरादून में वाहन तेजी से बढ़ रहे हैं
ट्रैफिक जाम और हादसे आम होते जा रहे हैं
नियम तोड़ने वालों की वजह से पूरे शहर को भुगतना पड़ता है
आरटीओ की अपील:
यदि आप भी सड़क पर ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेते हैं, तो अब संभल जाइए। अगली बार कोई बहाना नहीं चलेगा। या तो हेलमेट पहनिए और नियमों का पालन कीजिए, या फिर आरटीओ की टीम आपके दरवाजे पर होगी!
ट्रैफिक नियम पालन नहीं, तो वाहन भी नहीं! – देहरादून आरटीओ