ऋषिकेश- परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में ग्राम पंचायत विकास योजना अभियान के तहत हिमालयी राज्यों में सामाजिक व आर्थिक रूपांतरण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला सबकी योजना सबका विकास का उद्घाटन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। उन्होंने कहा कि हिमालय राज्यों की यह कार्यशाला गंगा के पवित्र तट पर आयोजित हो रही है। इसमें शामिल प्रतिनिधि नए आयाम लेकर यहां से जाएंगे। कार्यशाला को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें जो कुछ भी सीखे उसे सभी लोग अंगीकृत भी करें। कई लोगों ने आज गांव का चिंतन बदल दिया।
उत्तराखंड के एक गांव में सैनिक की पत्नी प्रधान का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि की सोच और दिशा सही होनी चाहिए। लोकतंत्र को समझने की जरूरत है। चुनाव के पश्चात वैमनस्य और हिंसा का त्याग किया जाना चाहिए, लेकिन कई जगह टोरलेंस खत्म हो जाता है, जबकि हम गांव में मिल बैठकर चुनाव करा करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति में कोई ना कोई गुण है। अच्छे लोगों की कमी नहीं है, कमी है तो एक अच्छे योजक की। ऐसे लोगों की राजनीति में भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति से ही सारे काम होते हैं। इच्छाशक्ति के कारण ही आज देश में राफेल आया, अनुच्छेद 370 समाप्त हुआ और एक टैक्स देश में लागू हो पाया है। राजनीति में संकल्प शक्ति की भी जरूरत है। मुख्यमंत्री ने रालेगण सिद्धि गांव में अन्ना हजारे का भी उदाहरण दिया और कहा कि अन्ना ने गांव की तस्वीर ही बदल दी।
हम सबको यहां से कोई एक संकल्प लेकर अपने साथ जाना होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि केंद्र सरकार हिमालयी राज्यों के लिए विशेष बजट का प्रावधान कर रही है। परमार्थ निकेतन आगमन पर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्य सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां सरकार ने अवस्थापना सुविधा में फंडिंग की है, ऑर्गेनिक फार्मिंग पर अलग से फंडिंग हो रही है। पिछले की तुलना में फर्क नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि केंद्र सरकार हिमालयी राज्यों के लिए विशेष बजट का प्रावधान कर रही है। परमार्थ निकेतन आगमन पर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्य सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां सरकार ने अवस्थापना सुविधा में फंडिंग की है, ऑर्गेनिक फार्मिंग पर अलग से फंडिंग हो रही है। पिछले की तुलना में फर्क नजर आ रहा है। इस दौरान परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, अतिरिक्त सचिव पंचायती राज मंत्रालय संजय सिंह, निदेशक पंचायती राज उत्तराखंड एचसी सेमवाल, विशेष सचिव (सेनि) डॉ बाला प्रसाद, संयुक्त सचिव आलोक प्रेम नागर, एनआईआरडी हैदराबाद से डॉ केथेरेशन, डॉ रंजन कुमार, डॉ राजीव बंसल आदि मौजूद थे।