गोवा में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मीडिया से मुखातिब हुईं। इस दौरान उन्होंने कंपनी और कारोबारियों को राहत देते हुए कॉरपोरेट टैक्स घटाने का ऐलान किया। निर्मला सीतारमण ने बताया कि टैक्स घटाने का अध्यादेश पास हो चुका है।
-निर्मला सीतारमण ने कहा कि मेक इन इंडिया को प्रोत्साहित करने के लिए आईटी एक्ट में नए प्रावधान को जोड़ा गया है, जो सुनिश्चित करेगा कि कोई भी नई घरेलू कंपनी जिसका गठन 1 अक्टूबर 2019 या उसके बाद हुआ हो और जो नए सिरे से निवेश कर रही हो वो 15 फीसदी के दर से आयकर का भुगतान करेगी।
– वहीं कंपनी 31 मार्च 2023 से पहले उत्पादन शुरू कर देती हैं तो 15 फीसदी टैक्स लगेगा। सभी तरह के सरचार्ज और सेस पर 17.10 फीसदी प्रभावी दर होगी।
– मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए भी टैक्स घटेगा।
– घरेलू कंपनियों पर बिना किसी छूट के इनकम टैक्स 22 फीसदी होगा। जबकि सरचार्ज और सेस जोड़कर प्रभावी दर 25.17 फीसदी हो जाएगी।
– सरकार को इस ऐलान के बाद 1.45 लाख करोड़ का राजस्व घाटा होगा।
– इक्विटी कैपिटल गेंस पर से सरचार्ज हटा दिया गया है।
– लिस्टेड कंपनियों को राहत देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन कंपनियों को अब बायबैक पर टैक्स नहीं देना होगा जिन्होंने 5 जुलाई 2019 से पहले बायबैक शेयर का एलान किया है।
– इसके साथ ही MAT यानी मिनिमम अल्टरनेटिव टैक्स खत्म कर दिया गया है दरअसल, यह टैक्स ऐसी कंपनियों पर लगाया जाता है जो मुनाफा कमाती हैं लेकिन रियायतों की वजह से इन पर टैक्स की देनदारी कम होती है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 115JB के तहत MAT लगता है।
– निर्मला सीतारमण के इस ऐलान के बाद शेयर बाजार में बड़ी तेजी देखी गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सेंसेक्स 900 अंक मजबूत हुआ तो वहीं निफ्टी ने भी 250 अंकों की बढ़त दर्ज की। सेंसेक्स 37 हजार के पार कारोबार करता दिखा तो वहीं निफ्टी ने 11 हजार के स्तर को टच कर लिया। कुछ देर बाद सेंसेक्स 1600 अंक और निफ्टी 485 अंक की बढ़त को पार कर लिया।
– सेंसेक्स के सभी 30 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। यह आम बजट के बाद पहली बार है जब बाजार में कारोबार के दौरान पकड़ दिखी। इसके अलावा रुपये में 60 पैसे से अधिक की तेजी देखने को मिली और यह डॉलर के मुकाबले 70.68 रुपये के स्तर पर पहुंच गया।