विकासनगर- विकासनगर में सिया समुदाय ने इस बार मुहर्रम पर खून बहाने की बजाय रक्तदान कर नई मिसाल पेश की। विकासनगर के अंबाड़ी और कालसी में बल्ती और सिया समुदाय ने नवासे रसूल हजरत इमाम हुसैन अलेहस्लाम और 72 जानीसारों की याद में मजलिसे अजाका बड़े अकीदत और एहतराम के साथ एहतमाम किया। बल्ती यूथ फेडरेशन के जवानों ने मातमी नोहा पढ़ते हुए मातमी जुलूस को इमामबाड़ा अंबाड़ी से निकाला। उन्होंने कहा रक्तदान के दौरान दिया गया खून जरूरतमंदों का जीवन बचाने का काम करेगा, क्योंकि बिना रक्त के कई मरीजों की जान चली जाती है। मंगलवार को इमामबाड़ा अंबाड़ी में आमाले आशूरा का आगाज हुआ। जिसके बाद नमाजे जौहर मौलाना की इमामत में अदा की गयी। नमाज के बाद मजलिसे हजरत इमाम हुसैन अलैहस्लाम मुनक्कित की गयी। जिसमें मौलाना ने शहादते इमाम हुसैन के बारे में लोगों को बसीरत अफरोज तकरीर से मुस्तफीक किया। अंबाड़ी के मदरसा सूफिया नूरबख्शी के मौलाना ने दस दिन दीन और हिदायत के मौजो पर मजलिस पढ़ी। जामा मस्जिद सूफिया नूर बक्शी के इमाम ने मोहर्रम और इमाम हुसैन के जीवन के साथ ही शहादत के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान सभी की आंखें नम हो गई।