देहरादून- राजधानी देहरादून में सालाेंं बाद आखिरकार घंटाघर से टन-टन की धुन लोगों को सुनाई दी। दून के प्रमुख चौक घंटाघर से आती टन-टन की आवाज सुनकर हर कोई हैरान था। मार्ग से गुजरने वाले लोग पहले टन टन की आवाज सुनते और फिर घंटाघर के शीर्ष पर लगी घड़ियों की ओर देखते दिखे। मानो जैसे उन्हे भरोसा ही नहीं हो रहा हो कि यह आवाज और किसी की नहीं बल्कि घंटाघर की घड़ियों की ही है। भले ही एक समय ऐसा रहा हो कि जब दून शहर को इस घंटाघर की यह टन-टन समय बताती थी, लेकिन आज उन्हे यह भी याद नहीं रहा है कि उन्होने पहले यह आवाज कब सुनी थी। अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में पूर्व मेयर विनोद चमोली ने भले ही घंटाघर की मरम्मत को करवा दिया था लेकिन घंटाघर पर लगी इन घड़ियों की धड़कनें फिर भी बंद रही थी। इसके पुर्ननिर्माण या मरम्मत के काम से पहले भी कभी कभी इसकी सुईयां तो घूमती रही मगर घंटे की टन-टन शांत ही रही। बीती रात से घंटाघर की टन-टन जब शुरू हुई तो इस आवाज की पहचान तक भूल चुके लोगों का चौंकना भी स्वाभाविक ही था। लेकिन अब देखना यह है कि यह टन-टन कितने दिनों तक सुनाई देती है।



