देहरादून- उत्तराखंड में बारिश कहर बनकर बरस रही है। बीती रात टिहरी और चमोली जिले में बादल फटने की घटना सामने आई है। जिसमें 11 घर बह गए हैं। दोनों घटनाओं में एक महिला, एक बच्चे की मौत हो गई है। दो महिलाएं मलबे में दबी हैं। एक लापता है व कई लोग घायल हुए हैं। स्थानीय लोग इन घटना को बादल फटना बता रहे हैं। जबकि प्रशासन का कहना है कि दोनों अतिवृष्टि की घटनाएं हैं।
पहली घटना चमोली जिले में कर्णप्रयाग के देवाल क्षेत्र में हुआ। यहां फल्दिया गांव में गुरुवार देर रात अतिवृष्टि होने से भारी तबाही मच गई। गांव में भारी मात्रा में मलबा आ गया है। मलबे में फल्दिया गांव की दो महिलाओं के दबने की सूचना है। यहां बादलों ने ऐसी तबाही मचाई है कि गांव में 11 मकान बह गए हैं। गाय, भैंस सहित खाने-पीने का सामान भी बह गया है। फल्दिया गांव में बिजली गुल है। पानी की लाइन टूट गई है। पूरे गांव में हाहाकार मचा है। लोग अभी भी खौफ के साए में है। वह अपने घरों पर टूटी तबाही देखकर इधर-उधर भटक रहे हैं। वहीं पुलिस और एसडीएम केएस नेगी सहित पूरी प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। इसके अलावा देवाल क्षेत्र की सभी सड़कें बंद हो गई हैं। सिर्फ देवाल-थराली मोटर मार्ग खुला है। तलौर, बमण, बेरा, पदमल्ला आदि गांवों में भी भारी तबाही की सूचना है।
दूसरी ओर टिहरी जिले के घनसाली में भी बादलों ने कोहराम मचा दिया। यहां घनसाली पट्टी नैलचामी के धार गांव थाती में गुरुवार देर रात करीब एक बजे भारी अतिवृष्टि हुई। जिसमें एक महिला और एक बच्चे की मौत हो गई है। एक व्यक्ति लापता है और दो लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना पाकर तहसीलदार मौके पर पहुंच गए हैं। बताया गया कि शंकर सिंह के घर के ऊपर सोड़ तोक में बादलों ने कहर बरपाया। शंकर सिंह, उनकी पत्नी बचन देई, कुमारी सपना और कुमारी ईशा को मलबे से ग्रमीणों ने निकाल लिया है। मकानी देवी और उनके पाचं साल के बेटे सुरजीत की मौत हो गई है। यहां कई बीघा खेत एवं मवेशी बह गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। यहां एक बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई है। जिसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। देर रात को अगस्त्यमुनि में मूसलाधार बारिश हुई। जिससे कई दुकानों और घरों में मलबा घुस गया। इतना हीं नहीं कई वाहन मलबे में दब गए। जिस कारण वाहनों को नुकसान पहुंचा है।




