देहरादून- भारतीय तटरक्षक व स्पेशल फ्रंटियर फोर्स में तैनात उत्तराखंड के स्थायी निवासी शहीद सैनिकों के आश्रितों को भी राजकीय सेवा में अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिल सकेगी। प्रदेश सरकार ने नियमावली में यह संशोधन कर दिया है। अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने नियमावली में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी है। नियमावली में भारतीय सेना और अर्द्धसैनिक बलों के थल, वायु व नौ सेना तथा गृह मंत्रालय के अंतर्गत बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, एसएसबी, एसपीजी, सीआईएफएस व असम राइफल्स में तैनात उत्तराखंड के स्थायी निवासी शहीदों के लिए अनुकंपा के आधार पर नौकरी का प्रावधान था। इसमें भारतीय तटरक्षक व फ्रंटियर फोर्स का उल्लेख नहीं था। कार्मिक विभाग के सूत्रों की मानें तो शासन को इन दोनों सेवाओं से संबंधित अनुकंपा के आधार पर शहीद सैनिकों के आश्रितों ने नौकरियों के लिए प्रत्यावेदन मिले थे, लेकिन नियमावली में प्रावधान न होने के कारण उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब सरकार ने नियमावली में संशोधन कर दिया है। इसके बाद भारतीय तटरक्षक व स्पेशल फ्रंटियर फोर्स के (उत्तराखंड के स्थायी निवासी) शहीद सैनिक अर्द्धसैनिकों को शामिल कर दिया गया है।



