देहरादून- लोकसभा चुनाव के बाद आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का पहला जनता दरबार मुख्यमंत्री आवास में लगा। जनता दरबार में लगभग 170 लोगों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अधिकारियों को समस्याओं के जल्द से जल्द हल निकालने के निर्देश दिए। कई मामलों में सीएम ने डीएम और अधिकारियों को तत्काल समस्या सुलझाने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को एक हफ्ते का समय दिया है कि जनता दरबार में आई सभी समस्याओं का हल निकाल लिया जाए। सीएम ने अधिकारियों को नदी-नालों में किए अतिक्रमण को तुरंत हटाने को भी कहा।
मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लगभग 170 लोगों की शिकायतों व समस्याएं सुनीं। ज्यादातर का मौके पर निस्तारण किया। इनमें 49 आवेदन आर्थिक सहायता से संबंधित थे, जिन्हें स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। शिकायतों और समस्याओं पर सात दिन के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि की गई कार्रवाई के बारे में आवेदक और मुख्यमंत्री कार्यालय को अनिवार्य रूप से बताया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदकों ने न केवल अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज कराई हैं बल्कि बहुत से लोगों ने सुझाव भी दिए हैं। इन सभी सुझावों पर गम्भीरता से विचार किया जाएगा और राज्य हित में पाए जाने पर इनको क्रियान्वित भी किया जाएगा। प्राप्त शिकायतों में अधिकांशतः सड़क निर्माण, पेयजल, सीवर, छात्रवृत्ति, जलभराव, अतिक्रमण आदि से संबंधित थीं। बड़कोट के संजय थपलियाल के क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के आवेदन पर लोक निर्माण विभाग को इसके लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। यमकेश्वर में काफी समय से वन संबंधी आपत्तियों के कारण सड़क का निर्माण रुके होने के संबंध में वन विभाग को इसकी स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा गया।
सुखबीर बुटोला ने चन्द्रबनी में पानी की समस्या बताई और इसके लिए पेयजल विभाग को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। त्यूनी के समीप अणु में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद होने की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया। मदन मोहन नेगी द्वारा आयुष्मान कार्ड नहीं मिलने की शिकायत को गम्भीर बताते हुए सीएम ने स्वास्थ्य विभाग को इस मामले की जांच कर मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराने के निर्देश दिए। श्याम सिंह तोमर ने स्कूल बाउंड्री के कारण सम्पर्क मार्ग बंद होने की शिकायत पर शिक्षा विभाग को मौका मुआयना करने को कहा। विमल ने कहा कि वह भूमिहीन हैं परंतु सरकारी कागजों में दिखा दिया गया है कि उन्हें भूमि मिल चुकी है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए। बच्चन सिंह नेगी ने जमीन पर किसी ने कब्जा किए जाने की शिकायत की तो एसडीएम को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।



