केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यानी गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह से मुलाकात की। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बजट को लेकर चर्चा हुई। वित्त मंत्री बनने के बाद निर्मला सीतारमण आगामी 5 जुलाई को अपना पहला बजट पेश करेंगी। इससे पहले निर्मला सभी सेक्टर के एक्सपर्ट से मिल रही हैं और उनसे सुझाव ले रही हैं।
बजट से पहले दोनों नेताओं की ये मुलाकात अहम मानी जा रही है। बीते हफ्ते निर्मला सीतारमण ने राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक के दौरान केंद्रीय वित्तमंत्री ने देश की आर्थिक विकास में राज्यों से सहयोग मांगा। बैठक में निर्मला सीतारमण ने कहा कि यदि राज्य और केंद्र मिलकर काम नहीं करते हैं तो कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र की जिम्मेदारी, आर्थिक विकास की दिशा निर्धारित करने की है। वहीं यह क्षेत्र में लागू करने की राज्यों की जिम्मेदारी है। इसके अलावा निर्मला सीतारमण ने यह भी बताया कि केंद्र से राज्यों के लिए फंड डीवैल्युएशन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। यह पहले 8,29,344 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 12,38,274 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके साथ ही केंद्रीय वित्तमंत्री ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से बड़े पैमाने पर लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और वांछित लक्ष्यों को हासिल करने में उनकी ओर से सहयोग की अपील की है। वहीं इसके वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि और ग्रामीण विकास के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठकें की। इस बैठक में किसानों के लिए लोन, छूट, उर्वरकों पर टैक्स समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।