देहरादून- उत्तराखण्ड विधानसभा का शीतकालीन सत्र भले ही समाप्त हो गया हों, लेकिन यह सत्र अपने पीछे कई ऐसे अनउत्तरित सवाल छोड़ गया है जिन्हे लेकर राजनीतिक हलकों में बेचैनी है और नेताओं द्वारा एक दूसरे पर सवाल उछाले जा रहे है। नेता विपक्ष इंदिरा हृदयेश का वह बयान जो उन्होने लोकायुक्त बिल पर चर्चा के दौरान दिया था, जिसमे उन्होंने अपने पास भ्रष्टाचार से जुड़े कई स्टिंग होने का दावा किया था। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा है कि नेता विपक्ष स्टिंग का भय दिखाकर डरा क्यों रही है अगर उनके पास कुछ है तो दिखाये। अजय भट्ट का कहना है कि नेता विपक्ष झूठ बोलकर सरकार व भाजपा को बेवजह डरा रही है और अगर उनके पास किसी नेता या अधिकारी से जुड़ा कोई ऐसा स्टिंग है जो भ्रष्टाचार का सबूत है तो उसको देखा जायेगा। हम किसी भी स्थिति का मुकाबला करने को तैयार है। उन्होने कह कि हम जानते है कि वह झूठ बोल रही है। किसी नेता या उसके परिजनों का कोई भ्रष्टाचार का सबूत उनके पास होता तो कांग्रेस ने अब तक हंगामा खड़ा कर दिया होता। उन्होने कहा कि वह डरा क्यों रही है जो कुछ उनके पास है उसे सबके सामने रखे।
बता दे कि नेता विपक्ष ने सदन में चर्चा के दौरान कहा था कि सरकार अपने भ्रष्टाचार छिपाने के लिए एक चैनल के सीईओ व उसके सहयोगियों के खिलाफ गिरफ्तारियंा जैसी कार्यवाही कर रही है। उन्होने कहा कि उन्हे भी किसी ने कुछ नेताओं व उनके परिजनों के खिलाफ स्टिंग की सीडी उपलब्ध करायी है जिन्हे वह सार्वजनिक नहीं करना चाहती। जिसने उन्हे यह दी है वही उन्हे सार्वजनिक करेगा। उनके इस आरोप के बाद भाजपा में बेचैनी का माहौल है सवाल यह है कि इतना बड़ा आरोप क्या नेता प्रतिपक्ष द्वारा बिना किसी ठोस सबूत के लगाया जा सकता है। या फिर वास्तव में उनके पास कुछ ऐसा है जैसा वह कह रही है? अगर वाकई वह सच कह रही है तो फिर यह भाजपा के लिए समस्या बढ़ सकती है।



