देहरादून- दून यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह में सांसद मुरली मनोहर जोशी ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में मुरली मनोहर जोशी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज न गंगा साफ है और न ही संसद। जब मैं अल्मोड़ा से सांसद बना था, तब गंगा भी साफ थी और संसद भी। मुरली मनोहर जोशी देश के वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक हालातों से कितने आहत है आज इसकी एक बानगी दून विश्वविघालय के पहले दीक्षांत समारोह में देखने को मिली। जब उनका यह दर्द उनके शब्दों में झलकता दिखा। अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाने वाले मुरली मनोहर जोशी ने आज जब यह कहा कि आज न गंगा साफ बची है न संसद। भले ही मुरली मनोहर जोशी के इस बयान पर नेता हैरान परेशान हो, लेकिन उन्होने चंद शब्दाें में आज के सामाजिक और राजनीतिक हालात को जिस बेबाकी से स्वीकार किया है वह उनकी चिंता को समझने के लिए काफी है। बीते कुछ दशकों से राजनीति व समाज से सुचिता का तेजी से हास हुआ है। मुरली मनोहर जोशी का कहना है कि वर्तमान दौर में राजनीति के मायने पूरी तरह से बदल गये है। सिर्फ चुनाव जीतना और सत्ता हासिल करना अब राजनीति हो गयी है। राजनीति सामाजिक सरोकारों से दूर होती जा रही है और समाज पर इसका गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि आज राजनीति और समाज दोनों प्रदूषित हो चुके है।


